Lifestyle Desk :- फिट रहने के लिए लोग अपनी दिनचर्या में अलग-अलग तरह की एक्सरसाइज शामिल करते हैं। कोई वॉकिंग और रनिंग करता है तो कोई कार्डियो या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को प्राथमिकता देता है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग में शामिल स्क्वाट एक ऐसी एक्सरसाइज है जिसे बिना किसी खास जिम इक्विपमेंट के घर पर भी किया जा सकता है।स्क्वाट मुख्य रूप से शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियों पर काम करता है। अगर इसे सही तकनीक और अपनी क्षमता के अनुसार नियमित रूप से किया जाए तो कुछ हफ्तों में ताकत और एक्सरसाइज क्षमता में बदलाव महसूस हो सकता है। हालांकि, इसके फायदे व्यक्ति की उम्र, फिटनेस लेवल, डाइट और एक्सरसाइज की नियमितता पर निर्भर करते हैं।आइए जानते हैं एक महीने तक स्क्वाट करने के संभावित फायदे और इसे करने का सही तरीका।

पैरों की मांसपेशियां मजबूत हो सकती हैं

स्क्वाट करते समय जांघों, हिप्स और पैरों की कई मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। नियमित अभ्यास से इन मांसपेशियों की ताकत और सहनशक्ति बेहतर हो सकती है। इससे रोजमर्रा के काम जैसे सीढ़ियां चढ़ना, बैठना और उठना भी आसान महसूस हो सकता है।

ग्लूट्स और हिप्स को मिलती है मजबूती

स्क्वाट में ग्लूट्स यानी हिप्स की मांसपेशियां भी सक्रिय होती हैं। सही फॉर्म के साथ लगातार अभ्यास करने से इन मांसपेशियों की स्ट्रेंथ और टोनिंग में सुधार हो सकता है।
ध्यान रखें कि केवल स्क्वाट करने से शरीर के किसी एक हिस्से की चर्बी कम होना तय नहीं है। फैट लॉस के लिए पूरी शारीरिक गतिविधि और संतुलित खान-पान जरूरी होता है।

शरीर का बैलेंस और स्थिरता बेहतर हो सकती है

स्क्वाट करते समय शरीर को नियंत्रित करके नीचे जाना और फिर ऊपर उठना होता है। नियमित अभ्यास से पैरों और शरीर के बीच बेहतर कोऑर्डिनेशन विकसित करने में मदद मिल सकती है। इससे बैलेंस और मूवमेंट कंट्रोल बेहतर हो सकता है।

रोजमर्रा की गतिविधियों में मदद

बैठना और उठना हमारी रोज की सामान्य गतिविधियों में शामिल है। स्क्वाट इसी तरह के मूवमेंट पैटर्न पर आधारित है। इसलिए नियमित रूप से इसका अभ्यास करने से इन गतिविधियों के लिए जरूरी मांसपेशियों की क्षमता को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

एक्सरसाइज क्षमता बढ़ाने में मदद

शुरुआत में कुछ स्क्वाट करने पर ही पैरों में थकान महसूस हो सकती है। लेकिन धीरे-धीरे शरीर इस गतिविधि का आदी होने लगता है। नियमित अभ्यास से मांसपेशियों की सहनशक्ति बेहतर हो सकती है और व्यक्ति पहले की तुलना में ज्यादा रेपिटिशन कर सकता है।

स्क्वाट करने का सही तरीका

1-सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों के बीच कंधे जितनी दूरी रखें।
2-दोनों हाथ सामने की ओर रखें या अपनी सुविधा के अनुसार रखें।
3-अब घुटनों को मोड़ते हुए धीरे-धीरे नीचे जाएं, जैसे आप कुर्सी पर बैठने जा रहे हों।
4-शरीर का वजन पैरों पर रखें और छाती को बहुत ज्यादा आगे न झुकाएं।
51घुटनों को पैरों की दिशा में रखें और उन्हें अंदर की ओर गिरने से बचाएं।
6-अपनी क्षमता के अनुसार नीचे जाएं और फिर एड़ियों से दबाव देते हुए धीरे-धीरे वापस खड़े हो जाएं।
7-शुरुआत में कम रेपिटिशन करें और तकनीक सही होने पर धीरे-धीरे संख्या बढ़ाएं।

रोज कितने स्क्वाट करें?

शुरुआत करने वाले व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार 8-12 स्क्वाट के 1-2 सेट से शुरुआत कर सकते हैं। शरीर को इसकी आदत होने पर धीरे-धीरे रेपिटिशन या सेट बढ़ाए जा सकते हैं।हर दिन बहुत ज्यादा स्क्वाट करने के बजाय शरीर को पर्याप्त आराम देना भी जरूरी है। अगर घुटने या कमर में दर्द हो तो एक्सरसाइज रोक दें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लें।

ध्यान रखें

एक महीने तक स्क्वाट करने से फिटनेस में सुधार की शुरुआत हो सकती है, लेकिन परिणाम हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। बेहतर फिटनेस के लिए स्क्वाट के साथ वॉकिंग या अन्य कार्डियो गतिविधि, पर्याप्त नींद और संतुलित डाइट को भी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है।