Uproar in Parliament over MM Naravane Autobiography: पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे यानी एमएम नरवणे की एक किताब ने संसद में हंगामा मचाकर रख दिया है। इस किताब का नाम ‘Four Stars of Destiny: An Autobiography’ यानी फॉर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी: एन ऑटोबायोग्राफी है, जिसे पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने लिखा था। संसद बजट सत्र के दूसरे दिन 2 फरवरी 2026 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने किताब में एमएम नरवणे के छपे एक बयान का जिक्र किया। इसे लेकर संसद में हंगाना के साथ बवाल मच गया।
दरअसल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जैसे ही पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब का बयान बताना शुरू किया, स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच जबरदस्त जुबानी जंग शुरू हो गई। तो चलिए यहां जानते हैं कि आखिर इस किताब में ऐसा क्या लिखा है, जो स्पीकर ने उन्हें बोलने नहीं दिया। साथ ही इस पूरे विवाद पर पूर्व आर्मी चीफ ने क्या कहा।

दरअसल पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की इस किताब का नाम है-‘Four Stars of Destiny: An Autobiography’ यानी फॉर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी: एन ऑटोबायोग्राफी है। नरवणे 31 दिसंबर 2019 से 30 अप्रैल 2022 तक भारतीय सेना के प्रमुख रहे। यह 448 पेज की किताब है। यह जनरल नरवणे के 40 साल के सैन्य करियर की पूरी कहानी बताती है। इसमें सिक्किम में चीन से पहली मुलाकात से लेकर गलवान में चीनी सेना से सामना, LoC पर फायरिंग, पाकिस्तान के साथ सीजफायर लागू करना और आधुनिक युद्ध के लिए सेना को तैयार करने जैसे किस्से शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, किताब अभी अप्रकाशित है यानी इसे छापा नहीं गया है। इसे भारत में खरीदा नहीं जा सकता, हालांकि यह अमेजन पर लिस्टेड है, लेकिन उपलब्ध नहीं। यह किताब मूल रूप से जनवरी 2024 में रिलीज होने वाली थी, फिर अप्रैल 2024 में टाल दी गई। अभी मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस (MoD) और इंडियन आर्मी इसकी सुरक्षा समीक्षा कर रही है, क्योंकि इसमें संवेदनशील जानकारी है। जैसे 2020 का लद्दाख स्टैंडऑफ और अग्निपथ स्कीम. पब्लिशर को एक्सट्रैक्ट्स या सॉफ्ट कॉपी सर्कुलेट न करने को कहा गया है। जनरल नरवणे ने 2025 में कहा था कि अब पब्लिशर और MoD के हाथ में है।
द फेडरल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस किताब में 2 बड़े खुलासे हुए हैं…
1- 2020 लद्दाख स्टैंडऑफ (चीन के साथ): 31 अगस्त 2020 की रात को पैंगोंग त्सो के साउथ बैंक के रेचिन ला पास पर चीनी PLA ने टैंक और सैनिक भेजे। भारतीय सेना की पोजीशंस पर टैंक कुछ सौ मीटर दूर थेष। स्थिति ‘टेंसे और ब्रेकिंग पॉइंट’ के करीब थी। नॉर्दर्न कमांड चीफ लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने जनरल नरवणे को रात 8:15 बजे फोन किया। नरवणे ने तुरंत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, NSA अजीत डोभाल, CDS बिपिन रावत, और विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन किया और पूछा, ‘मेरे ऑर्डर्स क्या हैं?’
अनपब्लिश्ड किताब में नरवणे ने लिखा कि उन्हें ‘हॉट पोटैटो’ थमा दिया गया, सारी जिम्मेदारी उन पर डाल दी गई। उन्होंने गहरी सांस ली, कुछ मिनट चुप बैठे और दीवार की घड़ी की टिक-टिक सुनते रहे। कोई क्लियर फायरिंग ऑर्डर नहीं आया। ‘टॉप से क्लियरेंस’ तक फायर न करने के प्रोटोकॉल थे। किताब में जून 2020 में हुए गलवान क्लैश का भी जिक्र है, जहां 20 साल में पहली बार PLA को ‘फेटल कैजुअल्टीज’ हुई। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इसे नहीं भूलेंगे।
2- अग्निपथ स्कीम: जून 2022 में लॉन्च हुई इस योजना से आर्मी सरप्राइज हुई। नेवी और एयर फोर्स के लिए ‘बोल्ट फ्रॉम द ब्लू’ थी। इस योजना को लेकर आर्मी का ओरिजिनल प्रपोजल था छोटा पायलट प्रोजेक्ट, 75% रिक्रूट्स को रिटेन करना और 25% रिलीज करना। हालांकि फाइनल स्कीम में 25% ही रिटेन हुए, जबकि 75% को 4 साल बाद रिलीज करने का नियम बना। शुरुआती सैलरी 20 हजार रुपए को नरवणे ने ‘अनएक्सेप्टेबल’ कहा। उन्होंने लिखा, ‘ट्रेंड सोल्जर जो जान दे सकता है, उसे डेली वेज लेबर से कैसे कंपेयर करें?’ बाद में दाम बढ़ाकर 30 हजार रुपए कर दिए गए।

राहुल गांधी ने लोकसभा में क्या कहा?
2 फरवरी 2026 को बजट सेशन के दौरान लोकसभा में मोशन ऑफ थैंक्स पर बहस हो रही थी। लीडर ऑफ अपोजिशन राहुल गांधी ने एक मैगजीन के आर्टिकल का प्रिंटआउट दिखाया, जिसमें किताब के typescript (मैनुस्क्रिप्ट) से लेख हैं। राहुल गांधी ने कहा कि किताब के लेख ‘100 प्रतिशत असली’ हैं। उन्होंने चीन से जुड़े एक हिस्से का जिक्र किया, खासकर 2017 के डोकलाम स्टैंडऑफ और 2020 के लद्दाख में चीनी टैंकों की स्थिति का। राहुल गांधी ने कहा कि पूर्व आर्मी चीफ की किताब से पता चलता है कि चीनी टैंक भारतीय पोजीशंस के बहुत करीब थे, यानी कैलाश रेंज पर कुछ सौ मीटर दूरी पर। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर सरकार पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने इसका इस्तेमाल लोकसभा में सरकार पर सवाल उठाने के लिए किया, जिससे बड़ा हंगामा हुआ। किताब राष्ट्रीय सुरक्षा, लद्दाख स्टैंडऑफ और अग्निपथ जैसे बड़े मुद्दों पर नई रोशनी डालती है।
पूरे विवाद पर क्या बोले पूर्व आर्मी चीफ
बता दें कि अप्रैल 2024 में किताब प्रकाशित होनी थी. इसका नाम फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी था। दिसंबर 2023 में इसके कुछ अंश न्यूज एजेंसी पीटीआई ने छापे थे। लेकिन रक्षा मंत्रालय ने इसकी समीक्षा करने की बात कहकर प्रकाशित होने से रोक दिया था। हालात यह है कि दो साल बाद भी इसे रक्षा मंत्रालय से एनओसी नहीं मिला है। इस किताब के पब्लिश होने में देरी को लेकर सवाल पर अक्टूबर 2025 में जनरल नरवणे ने एक लिटरेचर फेस्टिवल में बयान दिया था। वह हिमाचल प्रदेश के कसौली गए थे। इसमें उन्होंने जवाब दिया था कि मुझे लगता है कि यह मैच्योर हो रही है। पुरानी शराब की तरह, जितनी देर लगेगी, यह ज्यादा से ज्यादा विंटेज होगी. ज्यादा कीमत वाली।
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