Lifestyle Desk – छोटे बच्चे को नहलाना माता-पिता के लिए जितना जरूरी है, उतना ही सावधानी वाला काम भी है। खासकर नवजात बच्चे को पहली बार नहलाते समय कई माता-पिता घबरा जाते हैं। उन्हें डर रहता है कि कहीं बच्चे के मुंह या नाक में पानी न चला जाए या वह फिसल न जाए। दरअसल, छोटे बच्चों की त्वचा नाजुक होती है और वे अपने शरीर का तापमान भी बड़ों की तरह नियंत्रित नहीं कर पाते। इसलिए बच्चे को नहलाते समय पानी के तापमान से लेकर उसकी सुरक्षा तक कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

बच्चे को पानी में अकेला न छोड़ें
बच्चे को नहलाते समय सबसे जरूरी बात उसकी सुरक्षा है। चाहे बच्चा कुछ महीने का हो या थोड़ा बड़ा, उसे पानी में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। बच्चे को नहलाने के लिए टब या बाल्टी में बहुत ज्यादा पानी भरने से बचें। नहलाते समय बच्चे पर हर समय हाथ रखें और जरूरी सामान पहले से अपने पास रखें।अगर कोई चीज लेने के लिए बाथरूम से बाहर जाना पड़े, तो बच्चे को पानी में छोड़कर न जाएं। जरूरत हो तो बच्चे को साथ लेकर जाएं या किसी दूसरे वयस्क की मदद लें।
पानी का तापमान पहले जांच लें
बच्चे की त्वचा बड़ों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील होती है। बहुत गर्म पानी उसकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि बहुत ठंडा पानी बच्चे को असहज कर सकता है। इसलिए पानी न बहुत गर्म और न बहुत ठंडा होना चाहिए।नहाने से पहले पानी का तापमान अपनी कलाई या कोहनी से जांच लें। अगर पानी आपको बहुत गर्म या बहुत ठंडा महसूस हो रहा है, तो बच्चे के लिए भी यह सही नहीं हो सकता। नहाने के दौरान भी पानी का तापमान स्थिर रखने की कोशिश करें।
नहलाने का सामान पहले से तैयार रखें
बच्चे को बाथरूम में ले जाने से पहले जरूरत का सारा सामान अपने पास रख लें। जैसे तौलिया, साफ कपड़े, डायपर, हल्का बेबी क्लीनजर और जरूरत की अन्य चीजें। इससे नहलाते समय बच्चे को छोड़कर किसी सामान के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।छोटे बच्चे को नहलाने के बाद तुरंत मुलायम तौलिये से सुखाएं, खासकर गर्दन, बगल और जांघों के आसपास की त्वचा को अच्छी तरह लेकिन हल्के हाथ से सुखाएं।
बहुत ज्यादा साबुन या शैंपू इस्तेमाल न करें
बच्चे की त्वचा नाजुक होती है, इसलिए जरूरत से ज्यादा साबुन, शैंपू या खुशबू वाले प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से त्वचा में रूखापन या जलन हो सकती है। बच्चों के लिए बने हल्के और त्वचा के अनुकूल प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें और उनकी जरूरत से ज्यादा मात्रा न लगाएं।आंखों और मुंह के आसपास प्रोडक्ट लगाते समय विशेष सावधानी बरतें। अगर किसी प्रोडक्ट के इस्तेमाल के बाद त्वचा पर लालिमा, खुजली या जलन दिखाई दे तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें।
नहलाने के बाद बच्चे को तुरंत सुखाएं
बच्चे को नहलाने के बाद उसे लंबे समय तक गीला न रखें। मुलायम तौलिये से शरीर को धीरे-धीरे सुखाएं। त्वचा को जोर से रगड़ने के बजाय थपथपाकर सुखाना बेहतर होता है। कपड़े पहनाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि शरीर के सभी हिस्से अच्छी तरह सूख गए हैं। अगर बच्चे की त्वचा बहुत रूखी रहती है, तो डॉक्टर की सलाह से बच्चों के लिए उपयुक्त मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
बच्चे को कितनी बार नहलाना चाहिए?
हर बच्चे के लिए नहाने की जरूरत एक जैसी नहीं होती। नवजात बच्चे को बहुत बार नहलाने की जरूरत नहीं होती। रोजाना चेहरे, गर्दन, हाथ-पैर और डायपर एरिया की सफाई पर ध्यान देना पर्याप्त हो सकता है। बच्चे की उम्र, मौसम, त्वचा और डॉक्टर की सलाह के अनुसार नहाने की दिनचर्या तय की जा सकती है।
सबसे जरूरी बात यह है कि बच्चे को नहलाना सिर्फ साफ-सफाई का काम नहीं, बल्कि उसकी सुरक्षा का भी मामला है। नहलाते समय बच्चे पर लगातार नजर रखें, पानी का तापमान जांचें और सभी जरूरी सामान पहले से तैयार रखें। अगर बच्चे की त्वचा पर लगातार लालिमा, दाने या जलन दिखाई देती है, तो घरेलू उपाय करने के बजाय बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।



