हरियाणा की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं, जबकि राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।

मुकुल सतीजा ,करनाल। हरियाणा की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं, जबकि राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।

करनाल की अनाज मंडी में आज हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सी. जी. रजनीकांतन और जिला उपायुक्त ने दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मंडी की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और किसानों से बातचीत भी की।

बायोमेट्रिक सत्यापन पर जोर

सरकार ने इस बार गेहूं खरीद प्रक्रिया में बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य किया है। अधिकारियों ने मंडी गेट पर पहुंचकर इस प्रक्रिया का जायजा लिया और किसानों को बायोमेट्रिक प्रणाली की जानकारी दी। कई किसानों को फसल बेचने के दौरान बायोमेट्रिक प्रक्रिया से गुजरते हुए भी देखा गया।

प्रशासन ने बताया व्यवस्था संतोषजनक

जिला उपायुक्त ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके साथ ACS रजनीकांतन ने मंडी का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसानों को गेट पास या अन्य प्रक्रियाओं में किसी तरह की परेशानी नहीं आ रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि मंडी स्टाफ के साथ बैठक की गई है और ACS द्वारा दिए गए सुझावों पर आगे काम किया जाएगा, ताकि खरीद प्रक्रिया को और बेहतर बनाया जा सके।