भुवनेश्वर : उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होने वाला है। लेकिन नवीन अभी तक इस चुनाव को लेकर चुप हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में बीजेडी किसे समर्थन देगा और किसका विरोध करेगा। इसलिए चर्चा तेज़ हो रही है कि इस बार उपराष्ट्रपति चुनाव में बीजेडी किसे समर्थन देगा?
उपराष्ट्रपति चुनाव में अब सिर्फ़ 5 दिन बचे हैं। लेकिन नवीन ने अभी तक अपना रुख़ साफ़ नहीं किया है। पार्टी के दूसरे नेता भी इस मुद्दे पर पूरी तरह से चुप हैं। सबका एक ही जवाब है, पार्टी सुप्रीमो नवीन पटनायक जो भी फ़ैसला लेंगे, वही होगा। इसलिए अब सबकी नज़र इस बात पर है कि इन 4 से 5 दिनों में नवीन क्या फ़ैसला लेते हैं।
चर्चा यह है कि इस बार नवीन के लिए फ़ैसला लेना आसान नहीं होगा। नवीन पहले भी कई मुद्दों पर बीजेपी का समर्थन कर चुके हैं। लेकिन अब बीजेपी का समर्थन करना पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। ऐसा क्यों है कि भाजपा ही वह पार्टी है जिसने नवीन की सरकार गिराकर अब सत्ता में आई है? दूसरी ओर, नवीन के प्रधानमंत्री मोदी से संबंधों को लेकर भी खूब चर्चा हो रही है। जब नवीन बीमार पड़े थे, तब प्रधानमंत्री ने खुद उनसे फ़ोन पर बात किए थे। इसलिए कहा जा रहा है कि नवीन सभी कारणों पर विचार करने के बाद ही कोई फ़ैसला ले सकते हैं।

वक्फ विधेयक को लेकर बीजद पार्टी में दरार पड़ गई थी। कुछ सांसदों ने इस विधेयक का समर्थन किया, तो कुछ ने इसका विरोध किया। ऐसे में देखना होगा कि इस बार उपराष्ट्रपति चुनाव में पार्टी के सांसद किसका समर्थन करते हैं।
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