Dharm Desk :- घर, दुकान या किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार शनिवार के दिन नींबू और हरी मिर्च लटकाने की परंपरा बहुत पुरानी है। आम बोलचाल की भाषा में इसे बुरी नजर से बचने का एक लोकप्रिय उपाय या टोटका माना जाता है। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि इसके पीछे आखिर वजह क्या है और हमारे पुराने ग्रंथों में इसके बारे में क्या उल्लेख मिलता है?

मां लक्ष्मी से जुड़ी प्राचीन मान्यताएं

भारतीय सनातन संस्कृति के प्राचीन ग्रंथों में इस विषय पर बहुत ही सुंदर परंपराओं का महत्व और आधार देखने को मिलता है। कथाओं के अनुसार माँ लक्ष्मी और उनकी बहन दरिद्रता अलक्ष्मी दोनों ही नियमित भ्रमण के लिए निकलती हैं। माता जहां सुख, समृद्धि, वैभव और सकारात्मकता का प्रतीक हैं।वहीं दरिद्रता दुख, कलह, कंगाली और नकारात्मकता को साथ लेकर चलती हैं। हर मनुष्य की यही इच्छा होती है कि उसके घर में देवी लक्ष्मी का स्थाई वास हो और दरिद्रता उसके दरवाजे से ही वापस लौट जाए।

जब दरिद्रता किसी घर के दरवाजे पर पहुंचती है।तो उसे वहां नींबू और तीखी हरी मिर्च टंगी हुई मिलती है। नींबू का स्वाद खट्टा और मिर्च का स्वाद बहुत तीखा होता है। जो कि दरिद्रता को बहुत पसंद होता है। ऐसे में जब वह मुख्य द्वार पर ही नींबू और मिर्च का स्वाद ले लेती है तो वह वहीं पर तृप्त हो जाती है। परिणामस्वरूप वह घर के भीतर प्रवेश किए बिना ही बाहर से वापस लौट जाती है। वहीं दूसरी ओर शांत स्वभाव और मधुरता पसंद करने वाली माता लक्ष्मी उस घर में सहजता से प्रवेश करती हैं और वहां सुख-शांति व बरकत बनी रहती है।

नींबू-मिर्ची लगाने के फायदे

1.नींबू और हरी मिर्च दोनों में शक्तिशाली औषधीय और रोगाणु नाशक गुण पाए जाते हैं, जो हवा के संपर्क में आकर आसपास के पर्यावरण को शुद्ध रखते हैं।
2.नींबू की खटास और मिर्च की तीखी सुगंध वातावरण में मौजूद हानिकारक सूक्ष्मजीवों, बैक्टीरिया और छोटे कीड़े-मकोड़ों को घर के अंदर आने से रोकने में मददगार होती है।
3.आयुर्वेदिक और पारंपरिक दृष्टिकोण से भी नींबू और मिर्च का यह संयोजन घर के अंदर सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बनाए रखता है।
4.नवरात्र जैसे पवित्र पर्वों के दौरान जब चारों तरफ का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत होता है, तब इस तरह के उपाय घर के सुरक्षा कवच को और ज्यादा मजबूत बनाते हैं।