शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने अब अपने संगठन के तीन विभागों को बंद करने करने की कवायद शुरू कर दी है। लेकिन, इसमें एक विभाग ऐसा है जिसे लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। मामला मध्यप्रदेश कांग्रेस के हिंदी विभाग से जुड़ा हुआ है। दरअसल संगठन का मानना है कि मध्य प्रदेश हिंदी भाषी प्रदेश लिहाजा इस विभाग की उपयोगिता मध्य प्रदेश में नहीं। इस कवायत से बीजेपी को एक बार फिर कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। हिंदी विभाग को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस को राष्ट्र विरोधी विचारधारा का दल करार दिया है।
एआईसीसी से विचार मंथन कर विभागों को लेकर निर्णय
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महामंत्री संजय कमले ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने देश के अनुसार कई विभागों का गठन किया था। दक्षिण भारत में हिंदी भाषा की उपयोगिता को देखते हुए गठन किया गया। मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में फॉरेन और इंडियन ओवरसीज की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा तमाम कामकाज हिंदी में होने के कारण मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में हिंदी विभाग की भी आवश्यकता नहीं दिखाई दे रही है। एआईसीसी से विचार मंथन कर विभागों को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
कांग्रेस का जन्म ही राष्ट्र विरोधी, हिंदी की कैसे होगी सगी
मामले पर बीजेपी सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा पहले से ही राष्ट्र विरोधी रही है। कांग्रेस का जन्म अंग्रेजों की देन। लिहाजा कांग्रेस ने शुरू से ही विदेशी परंपराओं को मान्यता दी। देश की आजादी कि वक्त ही दोहरे मापदंड पर कांग्रेस ने काम किया था। ऐसी कांग्रेस से हिंदी, राष्ट्रवादी, भारतीय संस्कृति जैसे शब्दों की सम्मान की कल्पना नहीं की जा सकती। हिंदी विभाग को बंद करना साफ तौर पर कांग्रेस की घटिया मानसिकता का उदाहरण पेश किया है।
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