अजयारविंद नामदेव, शहडोल। Fake MPEB Employee: जिले के सोहागपुर में एक ऐसी शातिर महिला का पर्दाफाश हुआ है, जिसने खुद को एमपीईबी का कर्मचारी बताकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 10 लाख 50 हजार रुपये से ज्यादा का लोन हासिल कर लिया। नकली नियुक्ति आदेश, जाली सैलरी स्लिप और फर्जी पहचान के सहारे बैंक को चूना लगाने वाली आरोपी को पुलिस ने भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। आखिर किस तरह और कैसे ये पूरी साजिश रची गई, पुलिस ने इस हाईटेक ठगी का खुलासा किया है। 

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मामले की शुरुआत 2 सितंबर 2025 को हुई, जब एसबीआई कुदरी रोड शाखा के प्रबंधक क्रांति कुमार साहू ने थाना सोहागपुर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि एक महिला, जिसने अपना नाम विशाखा दांगी बताया, ने खुद को मध्य प्रदेश बिजली विभाग में अनुसेवक पद पर पदस्थ होना बताया। महिला ने बैंक में फर्जी नियुक्ति पत्र, सैलरी स्लिप और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर एक्सप्रेस क्रेडिट लोन के लिए आवेदन किया था। 

बैंक ने दस्तावेजों की औपचारिक जांच के बाद 10 लाख 50 हजार 500 रुपए का लोन पास कर दिया। लेकिन कुछ समय बाद जब किश्तें जमा नहीं हुईं तो बैंक प्रबंधन को संदेह हुआ। जांच में सामने आया कि महिला की और से जमा किए गए सभी दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे और वह बिजली विभाग में काम ही नहीं करती है।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सबूतों और साइबर सेल की मदद से आरोपी महिला की लोकेशन ट्रेस कर 21 फरवरी 2026 को भोपाल के नदनपुर क्षेत्र स्थित उसके किराए के मकान से उसे गिरफ्तार कर लिया। 

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने ऑनलाइन फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार कराए और नौकरी पेशा लोगों को आसानी से लोन मिलने की जानकारी मिलने के बाद इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। लोन की पूरी राशि उसने अपने निजी खर्चों में उपयोग कर ली थी। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। 

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