Sports Desk: भारतीय पैरा-आर्म रेसलिंग के सुपरस्टार और एशिया के नंबर-वन खिलाड़ी श्रीमंत झा ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराया है. छत्तीसगढ़ के बेटे श्रीमंत झा ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में आयोजित ‘वर्ल्ड पैरा-आर्म रेसलिंग कप 2026’ में अपनी ताकत और तकनीक का लोहा मनवाते हुए ब्रॉन्ज मेडल (कांस्य पदक) अपने नाम किया है.

PIUH -85 किलो वर्ग में दिखाया दम

ताशकंद में 31 जनवरी से 7 फरवरी तक आयोजित इस प्रतिष्ठित विश्व कप प्रतियोगिता में श्रीमंत झा ने PIUH -85 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया. विश्व स्तर के दिग्गज खिलाड़ियों के बीच कड़े मुकाबले में श्रीमंत ने अपनी बेहतरीन तकनीक और धैर्य का परिचय दिया और भारत की झोली में पदक डाला.

“मेरी जीत शहीदों के नाम”: श्रीमंत झा

पदक जीतने के बाद श्रीमंत झा ने एक भावुक बयान दिया. उन्होंने अपनी इस बड़ी उपलब्धि को देश के वीर शहीद जवानों को समर्पित किया है.

श्रीमंत झा ने कहा: “मेरी हर जीत उन वीर जवानों के लिए है जिन्होंने देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. यह ब्रॉन्ज मेडल मैं भारत माता के उन सभी सपूतों को समर्पित करता हूँ.”

ऐतिहासिक रिकॉर्ड: जीत चुके हैं 62 मेडल

श्रीमंत झा की सफलता का सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं है. वे वर्तमान में दुनिया के तीसरे और एशिया के नंबर-वन पैरा आर्म रेसलर हैं. इस ब्रॉन्ज मेडल के साथ उनके अंतरराष्ट्रीय पदकों की संख्या अब 62 हो गई है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है.

अगला लक्ष्य: गोल्ड मेडल

अपनी सफलता पर बात करते हुए श्रीमंत ने बताया कि यह पदक उनके लिए बेहद खास है क्योंकि यह उन्हें देश के जवानों की सेवा से प्रेरणा देता है. उन्होंने संकल्प लिया कि उनका अगला लक्ष्य आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है.