चंडीगढ़/गुरदासपुर। पंजाब के गुरदासपुर में हुए चर्चित रंजीत सिंह एनकाउंटर मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव को तलब किया है। कोर्ट ने उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का निर्देश दिया है।
बता दें कि आदियां पुलिस चौकी हत्याकांड के मुख्य आरोपी रंजीत सिंह की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद से ही माहौल गरमाया हुआ है। मृतक के परिजनों और विपक्षी दलों ने इस एनकाउंटर को फर्जी करार दिया है
परिजनों के गंभीर आरोप
परिवार का दावा है कि पुलिस रंजीत को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई थी, लेकिन बाद में उसके एनकाउंटर की खबर मिली। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने एक ‘मनगढ़ंत कहानी’ रचकर रंजीत की हत्या की है। विरोध स्वरूप परिवार ने पहले पोस्टमार्टम से इनकार किया और अब शव का अंतिम संस्कार न करने पर अड़े हुए हैं। उनकी मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की जाए।
केस में नया मोड़: सह-आरोपी का बयान
एक तरफ जहाँ परिवार सवाल उठा रहा है, वहीं मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी दिलावर सिंह ने मीडिया के सामने अलग ही दावा किया है। दिलावर के मुताबिक, रंजीत सिंह और इंद्रजीत सिंह ने ही पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी की थी।

घटनाक्रम: सरहद के पास हुई थी दो जवानों की हत्या
गौरतलब है कि 21 फरवरी की रात भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित आदियां पुलिस चौकी पर तैनात होमगार्ड जवान अशोक कुमार और एएसआई गुरनाम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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