मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में सिंगापुर के शीर्ष उद्योगपतियों एवं निवेशकों के 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की. इस अवसर पर प्रदेश में नए निवेश को गति देने के लिए कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा सतत अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में अग्रणी वैश्विक कंपनियों के साथ MoU का आदान-प्रदान किया गया. सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, अर्बन प्लानिंग और हॉस्पिटैलिटी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में बड़े निवेश की इच्छा व्यक्त की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि फरवरी 2026 में सिंगापुर यात्रा के दौरान लगभग ₹60,000 करोड़ के निवेश समझौतों पर सहमति बनी थी. सिंगापुर रोडशो के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने निवेशकों को Safety, Stability & Speed का जो भरोसा दिया था, प्रदेश आज भी उसी Commitment के साथ आगे बढ़ रहा है.
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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर उत्पादन शुरू कराने का है. MoU से Manufacturing और Groundbreaking से Production तक की पूरी प्रक्रिया में प्रदेश सरकार निवेशकों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और हर स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी.
UP-Singapore साझेदारी को ठोस परिणामों तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री जी ने छह प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया. इनमें जेवर क्षेत्र, एक्सप्रेस-वे और फ्रेट कॉरिडोर के माध्यम से मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग का विकास, सेमीकंडक्टर फैब यूनिट और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा सोलर, ग्रीन हाइड्रोजन, वेस्ट मैनेजमेंट और वाटर रिसाइक्लिंग जैसी क्लीन टेक्नोलॉजी शामिल हैं.

