मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के मंच से कहा कि रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग अयोध्या आने से पहले माफी मांगें. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव 12 दिसंबर को हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए अयोध्या पहुंचेंगे.

अयोध्या. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को दीपोत्सव के कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग अयोध्या आने से पहले उनसे माफी मांगें. उनका यह बयान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 12 दिसंबर को प्रस्तावित अयोध्या दौरे के बीच आया है.

रामभक्तों से माफी की बात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या अब कभी कर्फ्यू की स्थिति में नहीं पहुंचेगी और न ही कोई यहां दंगा-फसाद करने की हिम्मत करेगा. उन्होंने कहा कि अब रामनगरी की उपेक्षा नहीं की जा सकेगी और न ही यहां के संतों का अपमान करने या रामभक्तों पर गोली चलाने की घटना दोहराने का साहस कोई कर पाएगा.

सीएम योगी ने कहा कि दीपोत्सव के मंच से वह अयोध्या के बदले हुए स्वरूप और उसकी नई पहचान को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने आए हैं. उन्होंने दीपोत्सव के सफर का जिक्र करते हुए बताया कि महज एक लाख 71 हजार दीपों से शुरू हुआ आयोजन अब 30 लाख दीपों का आंकड़ा पार कर चुका है.

मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम से अयोध्या सहित पूरे उत्तर प्रदेश पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की. साथ ही प्रदेश के लोगों से राम नाम का स्मरण और जप करते हुए रामराज्य की अवधारणा को साकार करने में योगदान देने की अपील की.

12 दिसंबर को आएंगे अखिलेश

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 12 दिसंबर को अयोध्या पहुंचेंगे. इस दौरान वह हनुमानगढ़ी के साथ राम मंदिर में भी दर्शन-पूजन करेंगे. उनके इस कार्यक्रम की जानकारी पूर्व मंत्री और सपा नेता तेजनारायण पांडेय उर्फ पवन ने दीपोत्सव के मुख्य आयोजन के दिन दी.

अखिलेश यादव के प्रस्तावित दौरे में राम मंदिर जाकर रामलला के दर्शन और पूजन का कार्यक्रम भी शामिल है. इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता पहले भी उन पर निशाना साधते रहे हैं.

खास बात यह रही कि अखिलेश के अयोध्या आने की जानकारी उस दिन सामने आई, जब दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मौजूद थे. इस घटनाक्रम ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या को लेकर बयानबाजी को फिर चर्चा में ला दिया है.