गुरुग्राम। हाईप्रोफाइल युवराज सिंह मनचंदा मर्डर केस में पुलिस की लापरवाही को लेकर कार्रवाई शुरू हो गई है। गुरुग्राम के बादशाहपुर SHO राजेश बागड़ी को सस्पेंड कर दिया गया है। उनकी जगह सेक्टर-56 के SHO को लगाया गया है, जो रोड रेज केस में विभागीय जांच का सामना कर रहे हैं। युवराज का शव मिलने के बाद उसकी जानकारी इंटर-स्टेट पुलिस डेटाबेस ‘जिपनेट’ पर अपलोड नहीं की गई थी। परिवार को पहचान का मौका मिलने से पहले ही पुलिस ने युवराज को अज्ञात मानकर अंतिम संस्कार कर दिया था।

मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। युवराज की बहन हरसिमरन मनचंदा ने सीनियर एडवोकेट अमित प्रसाद के जरिए याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि शव बरामद होने के बावजूद उसकी जानकारी जिपनेट पर अपलोड नहीं की गई।

याचिका में लापता लोगों और अज्ञात शवों के मामलों में कार्रवाई के लिए देशभर में एक समान SOP बनाने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए दिल्ली और गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नरों से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है।

IO पहले ही सस्पेंड, 5 कर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी

इस मामले के जांच अधिकारी ASI साहून खान को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। उन पर अज्ञात शव मिलने के बाद उसकी शिनाख्त और कानूनी प्रक्रिया में लापरवाही बरतने का आरोप है।

उनके साथ कंट्रोल रूम के अधिकारी और फॉरेंसिक टीम के दो अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इस तरह गुरुग्राम पुलिस के पांच कर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी है।

अज्ञात शवों के लिए ACP हेडक्वार्टर नोडल ऑफिसर

युवराज हत्याकांड के बाद गुरुग्राम पुलिस ने अज्ञात शवों की पहचान को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। अब जिले में मिलने वाले हर अज्ञात शव की निगरानी ACP हेडक्वार्टर करेंगे। उन्हें स्पेशल नोडल ऑफिसर बनाया गया है।

क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी की भी विशेष ड्यूटी लगाई गई है। वह सीधे DCP क्राइम को रिपोर्ट करेंगे। नई व्यवस्था के तहत अज्ञात शव से जुड़ी सूचना और कार्रवाई उच्च अधिकारियों की निगरानी में रहेगी।

दिल्ली और 5 पड़ोसी जिलों से तुरंत शेयर होगी जानकारी

अज्ञात शव मिलने पर गुरुग्राम कंट्रोल रूम को दिल्ली पुलिस के साथ फरीदाबाद, झज्जर, नूंह, रेवाड़ी और पलवल के कंट्रोल रूम से तुरंत संपर्क करना होगा। शव की फोटो, हुलिया और उपलब्ध जानकारी साझा की जाएगी।

इसका मकसद दूसरे जिलों या राज्यों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों से मिलान कर जल्द पहचान करना है। इसके साथ ही पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल की गश्त और रिस्पॉन्स सिस्टम में भी बदलाव किया जा रहा है।

31 वर्षीय युवराज सिंह मनचंदा अडानी रियल्टी में सेल्स मैनेजर थे। उनका शव 10 अक्टूबर को मिला था।