संपादकीय राजभाषा दिवस: सरकारी उपेक्षा में सिर्फ नारा, विज्ञापन और भाषण की भाषा बनकर रह गई है मातृभाषा छत्तीसगढ़ी, अब तक ये हुआ
संपादकीय बृजमोहन के मीडिया सलाकार देवेंद्र गुप्ता का लेख- नेहरु को बताया गांधी की हत्या का ज़िम्मेदार