पटियाला। पंजाब में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य के पटियाला जिले में राजपुरा और शंभू रेलवे स्टेशन के बीच बीती रात हुए एक जोरदार धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। पिछले चार महीनों में यह दूसरी बार है जब इस कॉरिडोर को निशाना बनाकर रेलवे पटरियों को उड़ाने की कोशिश की गई है।
पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बीती रात पुलिस को शंभू बॉर्डर के पास रेलवे पटरियों पर एक धमाके की सूचना मिली थी। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि यह कोई साधारण धमाका नहीं, बल्कि पटरी को उड़ाने की एक बड़ी साजिश थी।
एसएसपी के अनुसार, धमाका करने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई है। पुलिस ने घटनास्थल से उसका शव बरामद कर लिया है। इसके अलावा, जांच के दौरान पुलिस को एक सिम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण सबूत भी मिले हैं। एसएसपी ने कहा कि हम जीआरपी और अन्य जांच एजेंसियों के साथ मिलकर मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। जल्द ही इस साजिश का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जाएगा।
4 महीने में दूसरी वारदात, क्या कॉरिडोर है आतंकियों का टारगेट?
इस घटना ने यह संदेह पैदा कर दिया है कि क्या डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर आतंकियों के निशाने पर आ गया है? इससे पहले, 23 और 24 जनवरी की दरमियानी रात को फतेहगढ़ साहिब के पास खानपुर गांव के निकट इसी कॉरिडोर पर एक बड़ा धमाका हुआ था। उस घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि धमाके से रेलवे की पटरियां 12 से 15 फीट तक उखड़ गई थीं। उस समय वहां से गुजर रही एक मालगाड़ी के इंजन को भी भारी नुकसान पहुंचा था और लोको पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया था।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
पटियाला में हुई ताजा घटना, फतेहगढ़ साहिब की घटना से करीब 40 से 50 किलोमीटर दूर हुई है। एक ही कॉरिडोर पर इतने कम अंतराल में दो बार हुए धमाकों ने न केवल सुरक्षा प्रबंधों की पोल खोल दी है, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस संदिग्धों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
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