Rajasthan News: राजस्थान के सियासी गलियारों में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा मुद्दा उछाल दिया है। इस बार निशाना सीधे प्रदेश की बेटियों और महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ा है। गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर उड़ान योजना में भारी भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।

गहलोत का कहना है कि सरकार महिलाओं को मुफ्त में जो सेनेटरी नैपकिन बांट रही है, उसकी क्वालिटी इतनी घटिया है कि बच्चियों में गंभीर संक्रमण (Infection) का खतरा बढ़ गया है।

उड़ान पर गहलोत ने जताया दर्द

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस सरकार ने महिलाओं के सम्मान और मेंस्ट्रुअल हाइजीन को ध्यान में रखकर उड़ान योजना शुरू की थी। उन्होंने केंद्र और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि जिस विजन की तारीफ पूरे देश में हुई, उसे भाजपा सरकार ने बर्बाद कर दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, गहलोत ने आरोप लगाया है कि सरकार ने पहले तो दो साल तक इस योजना को ठंडे बस्ते में डाले रखा और अब जब शुरुआत की है, तो मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा महिलाओं का स्वास्थ्य

गहलोत ने सीधे तौर पर सरकार की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के कारण ऐसी नैपकिन बांटी जा रही हैं जो इस्तेमाल के लायक नहीं हैं। घटिया क्वालिटी के कारण स्कूल जाने वाली बच्चियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। नारी शक्ति की बात करने वाली भाजपा सरकार असल में उनकी सेहत को लेकर गंभीर नहीं है।

उच्च स्तरीय जांच की उठी मांग

मामला बढ़ता देख गहलोत ने सरकार से आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की तुरंत उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियों को तुरंत अच्छी क्वालिटी के नैपकिन उपलब्ध कराए जाएं, वरना उनकी सेहत पर पड़ने वाले किसी भी बुरे असर की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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