इदरीश मोहम्मद, पन्ना। Ambulance Tyre Bursts In Forest: मध्य प्रदेश का पन्ना जिला प्रशासन भले ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यहां मरीजों की जान ‘राम भरोसे’ है। ताजा मामला आज अजयगढ़-पन्ना मार्ग का है, जहाँ स्वास्थ्य विभाग की एक ऐसी लापरवाही सामने आई जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी।
अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक गंभीर मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट पर जिला अस्पताल लाया जा रहा था। तभी खजुरी मोड़ के पास घने जंगल के बीच तेज धमाके के साथ एंबुलेंस का टायर फट गया। इसके बाद जो हुआ, वह सिस्टम की संवेदनहीनता की बानगी है। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में मरीज, परिजन और स्टाफ करीब डेढ़ घंटे तक बीच जंगल में फंसे रहे।
सरकारी एंबुलेंस में एक स्टेपनी (अतिरिक्त टायर) तक नहीं थी! बंद पड़ी गाड़ी में न एसी चल रहा था और न ही हवा का कोई साधन। मरीज को तेज बुखार था और हालत बिगड़ने पर रेफर किया गया था। लेकिन रास्ते में पहिया थम गया। जिससे जंगल में जंगली जानवरों के साए और उमस में मरीज व परिजन तड़पते रहे। हद तो तब हो गई जब एंबुलेंस के चालक सोभा प्रसाद कोंदर ने खुद इस बदहाली की पोल खोल दी।
पायलट ने साफ आरोप लगाया कि गाड़ियों की हालत जर्जर है। कई बार प्रबंधन से नए टायरों की मांग की गई, लेकिन अफसरों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। बाद में पन्ना से दूसरी एम्बुलेंस बुलाकर मरीज को जैसे-तैसे अस्पताल पहुंचाया गया।

