पटना। बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव के कथित संबंधों और उसके बाद उपजे विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है। अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने तेजप्रताप यादव और उनके सहयोगी मोतीलाल यादव पर जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।
घर में घुसने और धमकी का आरोप
आकाश यादव के अनुसार 6 जून को जब वे खाटूश्याम यात्रा पर थे तब पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव अपने सहयोगी मोतीलाल यादव के साथ उनके पाटलिपुत्र स्थित घर पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने जबरन घर में घुसने का प्रयास किया और परिवार को धमकाया। आकाश ने दावा किया है कि इस घटना के बाद मोतीलाल यादव ने उन्हें फोन कर औकात दिखाने की बात कही और मामले को गुप्त रखने का दबाव बनाया।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम आया सामने
मामला तब और गंभीर हो गया जब आकाश को एक और फोन कॉल आया। कॉलर ने अपना नाम मोहित बताया और खुद को कुख्यात अपराधी लॉरेंस बिश्नोई का आदमी बताते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि मंत्री जी के खिलाफ कुछ भी बोलना बंद कर दें। आकाश ने इस पूरी बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग को सबूत के तौर पर सुरक्षित रखा है।
पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप
आकाश यादव का कहना है कि उन्होंने 10 जून को ही पाटलिपुत्र थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजप्रताप यादव ने फोन पर खुद बात करते हुए अपनी राजनीतिक ताकत का हवाला दिया और कहा कि पुलिस उनके खिलाफ कोई भी केस दर्ज नहीं करेगी। आकाश ने यह भी आरोप लगाया कि तेजप्रताप ने उनकी भांजी के अपहरण की धमकी तक दी है।
अदालत में परिवाद दायर
पुलिस से न्याय न मिलने के बाद 17 जून को आकाश यादव ने पटना व्यवहार न्यायालय में परिवाद दायर किया। अदालत में सुनवाई शुरू हो चुकी है और आकाश ने फोन कॉल की रिकॉर्डिंग सहित अन्य साक्ष्य पेश किए हैं।
फेसबुक पोस्ट और कथित रिलेशनशिप का सच
यह पूरा विवाद तेजप्रताप यादव के फेसबुक अकाउंट से हुए एक पोस्ट के बाद शुरू हुआ जिसमें अनुष्का यादव के साथ 12 वर्षों से रिलेशनशिप का दावा किया गया था। हालांकि पोस्ट डिलीट कर तेजप्रताप ने अकाउंट हैक होने और फोटो एडिटेड होने का दावा किया। लेकिन इसके बाद सोशल मीडिया पर शादी और करवा चौथ से जुड़ी कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए। अनुष्का यादव पटना की रहने वाली हैं और उनके भाई पहले राजद युवा विंग से जुड़े थे जहां से तेजप्रताप के साथ उनकी निकटता बढ़ी थी।
फिलहाल इस पूरे प्रकरण में न्यायालय के रुख और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

