अमृतसर। एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट-2026 को लेकर बड़ी बात की गई, उन्हें कहा है कि ,पंजाब सरकार लगातार सिख समुदाय की भावना को नजरअंदाज कर रहा है. उन्होंने कहा कि इस एक्ट में द्वारा जताई गई गंभीर आपत्तियों को के लिए कहा गया है लेकिन इसके बावजूद के आदेशों के प्रति पंजाब सरकार का रवैया बेहद निराशाजनक है. बड़ा आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने संशोधन का मसौदा भेजने के बजाय केवल अपना स्पष्टीकरण भेजकर यह साबित कर दिया है कि उसने श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया. यह बेहद चिंतनीय विषय है.

धामी ने कहा कि 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ने पंजाब विधानसभा के सभी सिख विधायकों की बैठक बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सिख समुदाय की भावनाओं और आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए एक्ट में आवश्यक संशोधन कर नया मसौदा श्री अकाल तख्त साहिब को भेजा जाए. उन्होंने दावा किया कि उस समय मौजूद सभी विधायकों ने इन निर्देशों को स्वीकार किया था. एक माह बीत जाने के बावजूद पंजाब सरकार ने सिख समुदाय की आपत्तियों का संतोषजनक समाधान प्रस्तुत किया. इसके बजाय केवल स्पष्टीकरण भेजकर श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों को अप्रत्यक्ष रूप से खारिज करने का प्रयास किया गया है.

आपको बता दें कि संशोधन को लेकर भेजी गई रिपोर्ट को श्री अकलिया तख्त साहिब ने स्वीकार कर दिया गया कर दिया है. उन्होंने कहा है कि इसमें सभी बिंदुओं पर बदलाव नहीं किया गया है बल्कि सिर्फ 10% बदलाव करके इसे भेज दिया गया है. अब देखना यह है कि इस मामले के सामने आने के बाद आम आदमी सरकार का क्या रवैया रहता है