कृष्ण कुमार मिश्र, जौनपुर. अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत ने पंवारा थाना क्षेत्र के बीरबलपुर सोगरा निवासी विजय पटेल की फावड़े और पत्थर से मारकर हत्या करने के दोषी धर्मेंद्र पटेल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

मामले में मृतक के पुत्र धनीराज पटेल ने पंवारा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. वादी के अनुसार, गांव में धर्मेंद्र पटेल के पिता ने मुर्गी फार्म खोल रखा था. धर्मेंद्र मुर्गी फार्म पर बैठकर शराब और गांजा पीता था. वादी के पिता विजय बहादुर पटेल उसे नशा करने से मना करते थे.

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22 सितंबर 2021 को शाम करीब 6:15 बजे विजय बहादुर पटेल शौच के लिए खेत की ओर जा रहे थे. आरोप है कि इसी दौरान धर्मेंद्र ने उन पर फावड़े से हमला कर दिया. शोर सुनकर बिहारी लाल समेत गांव के कई लोग मौके पर पहुंचे. उस समय धर्मेंद्र विजय को पीट रहा था. लोगों को आता देख धर्मेंद्र मौके से फरार हो गया. घायल विजय ने लोगों को बताया कि धर्मेंद्र ने फावड़े और पत्थर से उन पर हमला किया है. उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.

पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर केस डायरी न्यायालय में प्रस्तुत की. सरकारी वकील प्रदीप कुमार ने अदालत में गवाहों को परीक्षित कराया. दोनों पक्षों की बहस सुनने और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने धर्मेंद्र पटेल को हत्या का दोषी पाया. इसके बाद कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई.