रोहित कश्यप, मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सड़क की बदहाली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला खाम्ही कुर्मी पंचायत के आश्रित ग्राम मोतिमपुर का है, जहां ग्रामीण खराब सड़क और बारिश के दौरान बनने वाले दलदल से परेशान हैं। वायरल वीडियो में कहीं ग्रामीण एक मरीज को खाट पर उठाकर कीचड़ और गड्ढों से भरी सड़क पार कराते नजर आ रहे हैं, तो कहीं कई लोग बाइक को डंडे के सहारे उठाकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं।

वायरल वीडियो की पड़ताल करने जब हमारी टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत की, तो उन्होंने सड़क की बदहाली को लेकर अपनी परेशानी सामने रखी। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता गांव में पहुंचते हैं और सड़क बनवाने का दावा करते हैं। लेकिन चुनाव का समय गुजरने के बाद सड़क की समस्या फिर वहीं की वहीं रह जाती है।

मरीज को खाट पर ले जाने की मजबूरी

ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दिनों में इस रोड की हालत और ज्यादा खराब हो जाती है। सड़क जगह-जगह गड्ढों और कीचड़ से भर जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में यदि गांव में किसी व्यक्ति की तबीयत खराब हो जाए तो उसे वाहन से ले जाना आसान नहीं होता। ग्रामीण मरीज को खाट पर लिटाकर कई लोगों की मदद से इस दलदल और गड्ढेनुमा रास्ते को पार कराते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या सिर्फ मरीजों तक सीमित नहीं है। रोजमर्रा की आवाजाही भी प्रभावित होती है। खासकर ज्यादा बारिश होने पर सड़क की स्थिति ऐसी हो जाती है कि बाइक को घर तक ले जाना संभव नहीं रहता।

बाइक भी डंडे के सहारे पहुंचाने की मजबूरी

वायरल हुए दूसरे वीडियो में चार-पांच लोग एक बाइक को डंडे के सहारे उठाकर ले जाते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक गांव से करीब दो किलोमीटर पहले ही सड़क की हालत ऐसी हो जाती है कि बाइक चलाना मुश्किल हो जाता है। ज्यादा बारिश होने पर बाइक को घर तक पहुंचाने के लिए लोग उसे डंडे के सहारे उठाकर ले जाने को मजबूर होते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति उनके लिए कोई नई बात नहीं है, बल्कि बारिश के मौसम में बार-बार ऐसी परेशानी सामने आती है।

स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर भी असर

सड़क की बदहाली का असर स्कूली बच्चों पर भी पड़ने की बात ग्रामीणों ने कही। उनका कहना है कि ज्यादा बारिश होने पर रास्ता इतना खराब हो जाता है कि कई बच्चे कई-कई दिनों तक स्कूल नहीं जा पाते। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा, मरीजों के इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों से सीधे जुड़ी हुई है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का असर पूरे गांव के जीवन पर पड़ रहा है।

जनप्रतिनिधियों-अधिकारियों से गुहार, फिर भी समस्या जस की तस

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। चुनाव के समय सड़क निर्माण को लेकर आश्वासन और दावे भी सुनने को मिलते हैं, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक जमीनी स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया है। सबसे अहम बात यह है कि मोतिमपुर कोई दूरस्थ जंगल या दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र नहीं है। गांव जिला मुख्यालय मुंगेली से महज करीब 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बताया जा रहा है। इसके बावजूद ग्रामीणों को मरीज को खाट पर और बाइक को डंडे के सहारे ले जाने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

अब वायरल वीडियो के सामने आने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी समस्या सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित न रहे, बल्कि जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि मौके की स्थिति को देखते हुए सड़क की समस्या का स्थायी समाधान कराने की दिशा में कदम उठाएं।

क्या बोले जिला पंचायत सीईओ?

जिला पंचायत सीईओ गोकुल राम रावटे ने कहा कि खराब सड़क की समस्या को संज्ञान में लिया गया है। संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सड़क की स्थिति का परीक्षण कर नियमानुसार समस्या के शीघ्र निराकरण का प्रयास किया जाएगा।

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