नितिन नामदेव, रायपुर। राजधानी रायपुर में बुधवार को बड़ी संख्या में सीनियर सिटीजन प्रोफेसरों ने दुर्गा महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। प्रोफेसरों ने कहा कि दुर्गा महाविद्यालय, महिला महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर एवं छत्तीसगढ़ राज्य के सभी अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों से सेवानिवृत्त प्राध्यापकों तथा कर्मचारियों की पेंशन बंद करने के शासन के आदेश के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया।

बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 1 सितंबर 2026 को जारी किए गए उस आदेश के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है, जिसके तहत अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों की पेंशन व्यवस्था पर रोक लगाई गई है। इस आदेश के विरोध में रायपुर के प्रतिष्ठित दुर्गा महाविद्यालय सहित बिलासपुर, अंबिकापुर और भिलाई के विभिन्न पूर्व प्रोफेसरों ने दुर्गा महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया।

अपनी मांगों को लेकर व्यथित और पीड़ित प्राध्यापकों व कर्मचारियों ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को रायपुर के दुर्गा महाविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त गुरुजन और उनके समर्थक उपस्थित रहे। धरने के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने सरकार के इस फैसले पर गहरा असंतोष जताते हुए इसे तुरंत प्रभाव से वापस लेने की पुरजोर मांग की और अपनी वर्षों पुरानी व्यवस्था को बनाए रखने की गुहार लगाई।

बुढ़ापे में आजीविका और इलाज का गहराया गंभीर संकट

सेवानिवृत्त प्राध्यापकों और कर्मचारियों का कहना है कि अचानक पेंशन बंद किए जाने से उनके समक्ष जीवन-यापन, गंभीर बीमारियों के इलाज, पारिवारिक खर्च और बैंक EMI जैसी बेहद जरूरी और बुनियादी जिम्मेदारियों को पूरा करने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। संघ के मुताबिक, अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के इन शिक्षकों और कर्मचारियों को पिछले 37 वर्षों से लगातार पेंशन का लाभ मिलता आ रहा था, जिसे अचानक बंद करना उनके अधिकारों पर कुठाराघात है।