चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा आज देश का ‘स्पोर्ट्स पावरहाउस’ बन चुका है। प्रदेश की आबादी देश की कुल आबादी का महज 2 प्रतिशत है, लेकिन ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में सबसे अधिक पदक जीतकर हरियाणा के खिलाड़ी देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित स्पोर्ट्स फिटनेस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपो को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि युवाओं के संकल्प और सपनों का मंच है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसे अभियान खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण का माध्यम बने हैं। उन्होंने कहा कि फिटनेस अब केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि विकसित भारत की आवश्यकता है।
2% आबादी, लेकिन पदकों में सबसे आगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की खेल संस्कृति और खिलाड़ियों का जज्बा ही प्रदेश को देश की सबसे बड़ी खेल शक्ति बनाता है। उन्होंने कहा कि यहां का युवा बचपन से ही संघर्ष करना सीखता है और यही संघर्ष उसे गांव की गलियों से विश्व मंच तक पहुंचाता है।
खिलाड़ियों पर सरकार की बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेताओं को 6 करोड़ रुपये तक का नकद पुरस्कार दे रही है। पिछले 12 वर्षों में 17,182 खिलाड़ियों को 730 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि 8 से 14 वर्ष तक के खिलाड़ियों को 1,500 रुपये और 15 से 19 वर्ष तक के खिलाड़ियों को 2,000 रुपये मासिक छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके अलावा 260 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ग्रुप A, B और C में सीधी सरकारी नौकरी दी गई है।
खेल ढांचे पर 1,100 करोड़ रुपये खर्च
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रदेश में खेल अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) पर करीब 1,100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। राज्य में करीब 2,000 खेल नर्सरियां और 25 खेल अकादमियां संचालित हैं, जहां खिलाड़ियों को प्रतिदिन 500 रुपये डाइट भत्ता दिया जा रहा है। पंचकूला में 10 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर भारत का पहला अत्याधुनिक वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र भी स्थापित किया गया है।
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं हर महीने युवाओं के साथ मैराथन में दौड़ते हैं। हाल ही में यमुनानगर में आयोजित मैराथन में करीब एक लाख युवाओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के नेतृत्व में सरकार युवाओं को नशे से बचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और नशा फैलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है।
जींद रैली का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि जींद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा को आगामी राष्ट्रमंडल और ओलंपिक खेलों के लिए नई पीढ़ी तैयार करने का लक्ष्य दिया है। यह हरियाणा की क्षमता और प्रदेश के खिलाड़ियों पर प्रधानमंत्री के विश्वास का प्रमाण है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने शायरी सुनाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा, “हार से मत घबराना और जीत से मत इतराना, हर दिन खुद को कल से बेहतर बनाना। मेडल तो मेहनत का एक छोटा सा सम्मान है, असली खिलाड़ी वही है जिसका लक्ष्य हिंदुस्तान है।”
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