प्रदीप मालवीय, उज्जैन। “सिंहस्थ-2028” की तैयारियों के बीच उज्जैन को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है । करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से शहर में आधुनिक सर्प उद्यान (Snake Park) विकसित किया जाएगा । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज प्रस्तावित सर्प उद्यान स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली और इसे वन्यजीव संरक्षण, पर्यटन और जनजागरूकता का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने के निर्देश दिए । यह परियोजना उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ प्रकृति और वन्यजीव पर्यटन के नए मानचित्र पर स्थापित करेगी ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निरीक्षण के दौरान कहा कि सर्प उद्यान केवल सांपों के प्रदर्शन का केंद्र नहीं होगा, बल्कि यहां वन्यजीव संरक्षण, रेस्क्यू, शोध और लोगों को जागरूक करने की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जाएगी । सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को विश्वस्तरीय स्वरूप देने की योजना है। सरकार पहले ही उज्जैन में वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर और जंगल सफारी जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर कार्य कर रही है, जिनमें अब सर्प उद्यान भी महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा।
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प्रस्तावित सर्प उद्यान में भारत में पाई जाने वाली विभिन्न प्रजातियों के सांपों को प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप सुरक्षित रखा जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से इंडियन कोबरा (नाग), किंग कोबरा, कॉमन करैत, रसेल वाइपर, सॉ-स्केल्ड वाइपर, इंडियन रॉक पाइथन (अजगर), रैट स्नेक (धामन), चेकर्ड कीलबैक (जल सांप), ग्रीन वाइन स्नेक, कैट स्नेक सहित कई विषैले और विषहीन सर्पों की प्रजातियों को प्रदर्शित करने की योजना है। इनके व्यवहार, संरक्षण और पर्यावरणीय महत्व की जानकारी भी डिजिटल माध्यम से पर्यटकों को उपलब्ध कराई जाएगी।
सर्प उद्यान में आधुनिक ग्लास एनक्लोजर, इंटरप्रिटेशन सेंटर, रेस्क्यू एवं उपचार सुविधा, शैक्षणिक प्रदर्शनी, बच्चों के लिए जागरूकता क्षेत्र और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की व्यवस्था प्रस्तावित है। वन विभाग का उद्देश्य सांपों के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना, जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा देना और वन्यजीवों के प्रति लोगों में सकारात्मक सोच विकसित करना है।
धार्मिक नगरी उज्जैन में महाकाल लोक, सिंहस्थ-2028 की तैयारियों, वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर और अब सर्प उद्यान जैसी परियोजनाओं के माध्यम से पर्यटन के नए आयाम जुड़ रहे हैं। माना जा रहा है कि यह परियोजना देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला आधुनिक सर्प उद्यान उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के साथ वन्यजीव पर्यटन की दिशा में नई पहचान दिलाएगा । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निरीक्षण के बाद अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जल्द गति मिलने की उम्मीद है।
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