Lalluram Desk. बारिश का मौसम आते ही सड़क किनारे अंगारों पर सिकता हुआ भुट्टा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। मानसून में पकौड़े, समोसे और अन्य तली-भुनी चीजों की तुलना में भुट्टा स्वाद और सेहत, दोनों लिहाज से बेहतर विकल्प माना जाता है।
भुट्टे में फाइबर, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ पाचन और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता है। हालांकि, हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है, इसलिए भुट्टा खाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, और इसके फायदे भी जानते हैं।
क्यों फायदेमंद है भुट्टा?
भुट्टा फाइबर का अच्छा स्रोत है, जो लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास देता है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से बचाने में सहायक हो सकते हैं। साथ ही, इसमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स शरीर की दैनिक पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में योगदान देते हैं। मानसून में जब लोग तली-भुनी चीजें ज्यादा खाते हैं, तब भुट्टा अपेक्षाकृत हल्का और पौष्टिक विकल्प बन सकता है।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?
हालांकि, भुट्टा पोषक तत्वों से भरपूर है, लेकिन हर किसी के लिए इसकी मात्रा और सेवन का तरीका एक जैसा नहीं हो सकता।
एसिडिटी की समस्या
यदि किसी व्यक्ति को बार-बार एसिडिटी या गैस की शिकायत रहती है, तो अधिक मात्रा में भुट्टा खाने से पेट में भारीपन या असहजता महसूस हो सकती है। ऐसे लोगों को सीमित मात्रा में और अच्छी तरह चबाकर भुट्टा खाना चाहिए।
डायबिटीज के मरीज
भुट्टे में प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं, इसलिए मधुमेह के मरीजों को इसका सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए। इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर खाना बेहतर माना जाता है। एक बार में अधिक मात्रा में भुट्टा खाने से बचना चाहिए।
आईबीएस और पाचन संबंधी समस्याएं
जिन लोगों को इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) या अन्य पाचन संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें भुट्टा खाने के बाद पेट फूलना, गैस या असुविधा महसूस हो सकती है। ऐसे लोगों को पहले कम मात्रा में इसका सेवन करके शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान देना चाहिए।
भुट्टा खाने का सही तरीका
भुट्टे को उबालकर या हल्का भूनकर खाना सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें जरूरत से ज्यादा मक्खन, नमक या मसाले मिलाने से इसके स्वास्थ्य लाभ कम हो सकते हैं। यदि स्वाद बढ़ाना हो तो हल्का नींबू और सीमित मात्रा में काला नमक या मसाले का इस्तेमाल किया जा सकता है।साथ ही, भुट्टा हमेशा अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए। बारिश के मौसम में सड़क किनारे मिलने वाले भुट्टे की स्वच्छता का भी ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि अस्वच्छ तरीके से तैयार भोजन संक्रमण का कारण बन सकता है।
कितनी मात्रा में खाएं?
स्वस्थ व्यक्ति के लिए सप्ताह में दो से तीन बार या एक समय में एक मध्यम आकार का भुट्टा खाना सामान्य रूप से पर्याप्त माना जाता है। हालांकि, यदि किसी को डायबिटीज, पाचन संबंधी बीमारी या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो अपनी डाइट में भुट्टा शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
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