रायपुर। छत्तीसगढ़ में 2018 का विधानसभा चुनाव भाजपा और कांग्रेस के कितना महत्वपू्र्ण इसे इस बात से समझा जा सकता है कि इस चुनावी जंग में जिक्र दोनों ही पार्टियों के पूर्वजों तक होने लगी है. मतलब दोनों ही पार्टियों के पूर्वजों को नेता छत्तीसगढ़ की सियासत में जमकर घसीट रहे हैं. आलम ये हैं कि राहुल गाँधी छत्तीसगढ़ में दौरा रद्द क्या हुआ भाजपा और कांग्रेस में इसे लेकर जुबानी जंग छिड़ गया है. बीजेपी की ओर से राहुल गाँधी पर निशाना तो साधा ही गया,  राहुल के परिवावालों को भी भाजपा निशाना बना दिया.  भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने राहुल के पूर्वजों पर विवादित टिप्पणी भी कर दी है. उपासने कहा, कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को जीत राहुल क्या उनके पूर्वज भी आ जाए तो नहीं दिला सकते.

बस फिर क्या था. भाजपा नेता के इस विवादित बयान कांग्रेस ने भी करारा पलटवार कर दिया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र तिवारी ने भी उपासने को जबाव उन्हीं के अंदाज में देते हुए कहा, कि उपासने जी का बीते दिनों एक्सिडेंट हुआ था. उन्हें अंदरुनी चोट लगी है. उसी अंदरुनी चोट का असर कि वे अमार्यादित भाषा बोल रहे हैं. सबको पता है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की हालत इन दिन क्या है, दरअसल भाजपा डरी हुई है. यहीं नहीं कांग्रेस नेता ने भाजपा को चुनौती देते हुए यह भी कहा कि, एक दिन दोनों आमने-सामने बहस कर लेते हैं कि किस दल के पूर्वजों ने इस देश के लिए क्या-क्या किया है. भाजपा के नेता बताएं कि उनके पूर्वजों ने आजादी के आंदोलन से पहले या आजादी के आंदोलन में क्या सहभागिता निभाई है ?