पंजाब नेशनल बैंक में 1000 करोड़ का घोटलाः चार आरोपियों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करने की मांग, सेल कंपनी बनाकर इस तरह खेला गया था पूरा खेल

कुमार इंदर, जबलपुर। भोपाल के पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 1000 करोड़ के घोटाले (1000 crore scam in Punjab National Bank)के मामले में चारों आरोपियों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करने की मांग की गई है, ताकि चारों आरोपी मेहुल चौकसी, नीरव मोदी और विजय माल्या की तरह देश छोड़कर फरार ना हो जाएं। क्या है पूरा मामला देखे हमारी यह खास रिपोर्ट- 

पंजाब नेशनल बैंक में एक और घोटाला सामने आया है। घोटाला कोई छोटा मोटा नहीं बल्कि 1000 करोड़ रुपए का घोटाला है। जिसमें मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई भी चल रही है। इसी मामले में सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने सीबीआई (CBI) से पूछा भी है कि, क्यों ना इस मामले में एफ आई आर दर्ज की जाए।

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दरअसल पूरा मामला यूं है कि 1000 करोड़ का घोटाले करने के लिए पहले सांवरिया ग्रुप के नाम से एक सेल कंपनी बनाई गई। फिर उसी सेल कंपनी के नाम पर 1000 करोड़ रुपये का लोन उठाया गया। और बाद में पंजाब नेशनल बैंक से कंपनी को घाटा दर्शाते हुए लोन माफ करने की मांग की गई। हैरत की बात यह है कि, बैंक के तात्कालिक चेयरमैन ने यह फाइल मंजूर भी कर ली थी।

जबलपुर हाईकोर्ट में दाखिल किया गया आवेदन 

बता दें कि इस मामले में भी विजय माल्या (Vijay Mallya) और मेहुल चौकसी (Mehul Choksi) जैसी स्थिति बनने की संभावना है। लिहाजा आज फिर से कोर्ट में एक आवेदन दाखिल किया गया, जिसमें चारों आरोपियों को लुक आउट नोटिस जारी करने की बात कही गई है। आवेदन के माध्यम से चिंता जाहिर की गई है कि, जिस तरह से हजारों करोड़ों का घोटाला करके विजय माल्या, मेहुल चौकसी और नीरव मोदी देश छोड़कर भाग गए थे उसी तरह इस केस में भी चारों आरोपी भाग सकते हैं लिहाजा चारों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया जाए।

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जानिए किस तरह रचा गया पूरा षड्यंत्र 

दरअसल भोपाल निवासी अनिल अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, सतीश अग्रवाल और गुलाबचंद अग्रवाल ने मिलकर दिल्ली की सांवरिया ग्रुप कंपनी के नाम से एक बी कंपनी यानी की सेल कंपनी का गठन किया। फिर इसी सेल कंपनी के नाम से पंजाब नेशनल बैंक से 1000 कोड रुपए का लोन लिया। यह 1 हजार करोड़ रुपये का लोन 2016 से 2019 के बीच में निकाला। बाद में बड़े ही शातिरना अंदाज में कंपनी ने बैंक में यह कहते हुए फाइल दाखिल की कि, कंपनी को लॉस हो गया है। लिहाजा वह लोन भरने में असक्षम है। हैरानी की बात यह है कि तत्कालीन पंजाब नेशनल बैंक के चेयरमैन एसएस मलिकार्जुन ने फाइल मंजूर भी कर ली थी।

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सीबीआई ने अबतक नहीं की कार्रवाई 

आपको बता दें कि इस मामले में याचिकाकर्ता ने भोपाल सीबीआई को भी शिकायत की थी, लेकिन अब तक सीबीआई ने इस मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं की। उल्टे याचिकाकर्ता को ही धमकी दी जा रही है लिहाजा सीबीआई की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे और इस बाबत कोर्ट ने सीबीआई से सवाल भी किया है।

उत्तर प्रदेश की सोनाली वर्मा ने दाखिल की है याचिका 

दरअसल उत्तर प्रदेश के जौनपुर की रहने वाली सोनाली वर्मा ने याचिका दाखिल की है। इस केस में साफ तौर पर जाहिर होता है कि किस तरह से पंजाब नेशनल बैंक की मिलीभगत से पब्लिक की गाढ़ी कमाई का पैसा निकाल लिया गया और तो और इस फर्जीवाड़े की फाइल भी क्लोज कर दी गई। कोर्ट ने पूरे मामले में सुनवाई करते हुए मामले को फिर से एक हफ्ते बाद सुनवाई के लिए रखा है।

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