बेमेतरा। डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, जांता (बेमेतरा) के होनहार विद्यार्थियों ने रक्षा अनुसंधान और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक ऐसा ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने पूरे छत्तीसगढ़ राज्य को गौरवान्वित कर दिया है। “विश्व छात्र दिवस” के अवसर पर मिसाइल मैन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पावन स्मृति में आयोजित देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता “यंग साइंटिस्ट इंडिया” की नेशनल शॉर्टलिस्ट में 11 विद्यार्थियों का एक साथ चयन हुआ है, जिसमें 4 बालिका भी शमिल हैं।

यह सफलता इसलिए असाधारण है क्योंकि इस राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश के लगभग 5,000 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने अपने अभिनव वैज्ञानिक प्रोजेक्ट्स के साथ पंजीकरण कराया था। कड़े तकनीकी परीक्षणों और कड़े मूल्यांकन के बाद, देश भर से केवल 66 सर्वश्रेष्ठ बच्चों को ही “ग्रैंड फिनाले” के लिए चुना गया है। अत्यंत गौरव की बात है कि इन भाग्यशाली 66 राष्ट्रीय विजेताओं में से अकेले 11 छात्र-छात्रा डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, जांता, बेमेतरा के हैं।

इसी सूची में कश्मीर से कन्याकुमारी तक विद्यार्थियों का सीधा मुकाबला चेन्नई के ग्रैंड फिनाले में हमारे छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के डी ए वी जांता स्कूल के 11 सितारों से होगा। ‘कश्मीर से कन्याकुमारी’ तक की यह कड़ी टक्कर भारत की उभरती हुई बाल-वैज्ञानिक ताकत को दर्शाती है।

महामंच पर सम्मान: चेन्नई राजभवन में गूंजेगा बेमेतरा का नाम

चयनित सभी 11 बाल-वैज्ञानिक आगामी 21 और 22 नवंबर को चेन्नई में आयोजित होने वाले ग्रैंड फिनाले के महामंच पर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा इन बच्चों को चेन्नई के ऐतिहासिक राजभवन में विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर सीधे देश के सर्वोच्च नीति-निर्धारक कार्यालय और राजभवन के अतिथि बनने का यह सफर अंचल के इतिहास में पहली बार देखा गया है।

डी ए वी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता का अनोखा रिकॉर्ड: युवा वैज्ञानिकों का “सुपर-45”

इस नई राष्ट्रीय विजय के साथ ही डीएवी जांता स्कूल ने वैज्ञानिक क्षेत्र में एक ऐसा अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है, जिसे तोड़ पाना किसी भी संस्थान के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अब तक विद्यालय के कुल 34 बच्चे पूर्व में ‘युवा वैज्ञानिक’ बनकर पीएमओ अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं। अब इन 34 पुराने विजेताओं के कारवां में 11 नए बाल-वैज्ञानिकों का नाम जुड़ जाने से विद्यालय की कुल वैज्ञानिक उपलब्धि का आंकड़ा 45 पर पहुंच गया है, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है।

ग्रैंड फिनाले के लिए चयनित देश के भावी 11 बाल-वैज्ञानिकों के नाम

बालिका- पूर्वी जायसवाल, नम्रता पटेल, आंचल साहू, दुलैरिन साहू

बालक- राज ध्रुव, लिकेश चंद्राकर, आदित्य पटेल, मोक्ष साहू, अजय सेन, नमन साहू और निखिल निर्मलकर।

प्राचार्य पी.एल. जायसवाल का संदेश

इस अभूतपूर्व राष्ट्रीय सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य पी.एल. जायसवाल ने अपनी अत्यधिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “यह हमारे डी ए वी स्कूल, बेमेतरा जिले और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक अविस्मरणीय और परम गौरव का क्षण है। 5,000 बच्चों की राष्ट्रीय भीड़ में से हमारे 11 बच्चों का शीर्ष 66 में चुना जाना यह साबित करता है कि ग्रामीण अंचल की माटी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बशर्ते उन्हें सही दिशा दी जाए। हमारे बच्चे लगातार देश के पीएमओ कार्यालय द्वारा सम्मानित होकर आ रहे हैं, जो हमारी संस्था की मजबूत वैज्ञानिक नींव को दर्शाता है।”

प्राचार्य जायसवाल ने इस महा उपलब्धि का पूरा श्रेय बच्चों की अटूट लगन, कुशल शिक्षक मंडल के दिन-रात के कड़े मार्गदर्शन और सम्मानीय पालकों के सतत सहयोग को दिया है। उन्होंने चयनित सभी 11 सितारों को चेन्नई राजभवन में छत्तीसगढ़ का परचम लहराने के लिए अपनी अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं। इस गौरवशाली समाचार से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल हैं।

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