चंडीगढ़। हरियाणा में फैमिली ID को लेकर तीन अहम बदलाव किए गए हैं। अब परिवार पहचान पत्र से जुड़ी प्रक्रिया में होने वाले बदलावों की जानकारी मोबाइल पर मिलेगी। परिवार में नया सदस्य जुड़ने पर भी मैसेज आएगा। इसके अलावा, परिवार की आय और संपत्ति का रिकॉर्ड जुटाने के लिए PPP 2.0 लाने की तैयारी है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता) की मदद ली जाएगी।

पहला बदलाव: मोबाइल पर मिलेगा मैसेज

अब एनरोलमेंट ID बनने, फैमिली ID तैयार होने और परिवार में नया सदस्य जुड़ने पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजा जाएगा। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि उनकी फैमिली ID से जुड़ी प्रक्रिया में क्या हुआ है। रिकॉर्ड में बदलाव होने की जानकारी भी समय पर मिल सकेगी।

दूसरा बदलाव: मुखिया की सहमति के बिना नाम जोड़ना आसान नहीं

फैमिली ID में नया सदस्य जोड़ने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। अब परिवार के मुखिया की सहमति के बिना किसी सदस्य का नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा। हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट को-ऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला के अनुसार, कई बार पारिवारिक मनमुटाव के कारण कुछ लोग मुखिया की अनुमति के बिना अपना नाम जुड़वा लेते थे। कई मामलों में गलत सदस्य भी परिवार की ID में शामिल हो जाते थे। नए बदलाव का उद्देश्य ऐसी गड़बड़ियों को रोकना है।

तीसरा बदलाव: AI से जुटेगा परिवार की आय का ब्योरा

हरियाणा सरकार PPP 2.0 का नया वर्जन लाने की तैयारी कर रही है। इसे दिसंबर 2026 तक लाने की योजना है। इस व्यवस्था में परिवार की आय और संपत्ति का आकलन करने के लिए अलग-अलग दस्तावेजों की जानकारी जोड़ी जा सकती है।

योजना के तहत परिवार के सदस्यों के पैन कार्ड, आधार, प्रॉपर्टी ID, किसान ID और बैंक लोन से जुड़ी जानकारी को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी है। बच्चों की स्कूल फीस और जीवनशैली पर होने वाले खर्च को भी परिवार की वित्तीय स्थिति के आकलन में शामिल करने की योजना है।

स्कूल फीस से लेकर बैंक लोन तक पर नजर

मान लीजिए, किसी परिवार में बच्चे की स्कूल फीस 10 हजार रुपये महीने है। इस हिसाब से सालभर में 1.20 लाख रुपये फीस पर खर्च होंगे। प्रस्तावित व्यवस्था में ऐसे खर्च का ब्योरा भी परिवार की वित्तीय स्थिति समझने में मदद कर सकता है।

इसी तरह घर बनाने या दूसरी जरूरतों के लिए लिए गए बैंक लोन और उसकी किस्तों की जानकारी भी उपयोगी होगी। इससे परिवार की संपत्ति, आय और कर्ज की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।

सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की जांच में मिलेगी मदद

सरकार इस व्यवस्था के जरिए ऐसे परिवारों की पहचान करना चाहती है, जो अपनी वास्तविक आय या संपत्ति से कम जानकारी देकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। अलग-अलग दस्तावेजों का रिकॉर्ड एक जगह मिलने से जानकारी में अंतर का पता लगाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, PPP 2.0 से जुड़ी इन सुविधाओं को लागू करने की प्रक्रिया और उनके नियमों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी होगी।

2020 में शुरू हुई थी फैमिली ID योजना

हरियाणा में परिवार पहचान पत्र योजना की शुरुआत 4 जुलाई 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार के दौरान हुई थी। इसका उद्देश्य परिवारों का रिकॉर्ड तैयार करना और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में मदद करना है। अब PPP 2.0 के जरिए इस व्यवस्था को और व्यापक बनाने की तैयारी की जा रही है।

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