चंडीगढ़। हरियाणा में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को कारोबार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। चालू वित्त वर्ष में अगस्त 2026 तक हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की विभिन्न योजनाओं के तहत 59 लाभार्थियों को कुल 176.50 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। इसमें 138.75 लाख रुपये की सब्सिडी भी शामिल है।

निगम के मुताबिक, सहायता का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को अपना व्यवसाय शुरू करने और स्व-रोजगार स्थापित करने के लिए आर्थिक आधार उपलब्ध कराना है। इसके लिए कृषि एवं इससे जुड़े कार्यों, उद्योग, व्यापार-कारोबार और स्वरोजगार सहित अलग-अलग श्रेणियों में ऋण एवं अन्य वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
आंकड़ों के अनुसार, व्यापार एवं कारोबार श्रेणी में 58 लाभार्थियों को कुल 53 लाख रुपये मुहैया कराए गए। इसमें 26.60 लाख रुपये बैंक ऋण के तौर पर, 20.25 लाख रुपये सब्सिडी के रूप में और 6.15 लाख रुपये मार्जिन मनी के रूप में जारी किए गए।
इसके अलावा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की सहायता से संचालित लघु व्यवसाय योजना के तहत भी एक लाभार्थी को 11 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई। इसमें राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम और सफाई कर्मचारी वित्त विकास निगम का प्रत्यक्ष ऋण हिस्सा 3.96 लाख रुपये रहा। वहीं, इस अवधि में 109.50 लाख रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी भी वितरित की गई।
निगम का कहना है कि विभिन्न योजनाओं के जरिए अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें अपना रोजगार खड़ा करने के लिए वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
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