Nainwan Nagar Palika Election 2026 के नतीजों में कई दिलचस्प और चौंकाने वाले सियासी रंग देखने को मिले। बूंदी के नैनवां में कहीं पार्टी के बड़े पदाधिकारी चुनाव हार गए तो कहीं निर्दलीय प्रत्याशियों ने भाजपा-कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवारों का गणित बिगाड़ दिया।

सबसे ज्यादा चर्चा वार्ड नंबर 4 के नतीजे की रही, जहां एक ही परिवार की देवरानी और जेठानी अलग-अलग राजनीतिक खेमों से आमने-सामने थीं। निर्दलीय नीतू मारवाड़ा ने कांग्रेस प्रत्याशी अपनी जेठानी मोनिका मारवाड़ा को हरा दिया। मोनिका तीसरे स्थान पर रहीं। जीत के बाद भी दोनों ने साफ किया कि राजनीति उनके पारिवारिक रिश्ते के बीच नहीं आएगी।

टिकट नहीं मिला तो नीतू ने निर्दलीय लड़ा चुनाव

वार्ड नंबर 4 का मुकाबला चुनाव से पहले ही चर्चा में आ गया था। इसकी वजह एक ही परिवार की दो बहुओं का अलग-अलग राजनीतिक दलों से चुनाव लड़ना था। नीतू मारवाड़ा भाजपा से टिकट की उम्मीद लगाए बैठी थीं। टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। दूसरी ओर कांग्रेस ने उनकी जेठानी मोनिका मारवाड़ा को अपना प्रत्याशी बनाया। नतीजे आए तो नीतू ने बाजी मार ली। उन्होंने अपनी जेठानी मोनिका को शिकस्त दी। मोनिका इस मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहीं।

हार के बाद जेठानी ने दी देवरानी को बधाई

चुनावी मुकाबला भले ही दोनों के बीच था, लेकिन नतीजे के बाद रिश्ते की गर्माहट बरकरार रही। जीत के बाद मोनिका ने अपनी देवरानी नीतू को बधाई दी। नीतू मारवाड़ा ने कहा कि दोनों में से किसी एक को जीतना था और जीत परिवार में ही रही। उन्होंने कहा कि उनके रिश्ते पहले भी मधुर थे और आगे भी मधुर रहेंगे। मोनिका ने भी सियासी हार-जीत को सामान्य बताते हुए नीतू को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि दोनों देवरानी-जेठानी के बीच पहले भी लगाव था और आगे भी बना रहेगा।

कांग्रेस के देवर-भाभी दोनों को निर्दलीयों ने हराया

नैनवां चुनाव में देवरानी-जेठानी के मुकाबले के अलावा देवर-भाभी के चुनावी नतीजे भी चर्चा में रहे। अलग-अलग वार्डों से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे मुकेश मारवाड़ा और मोनिका मारवाड़ा दोनों को हार मिली। वार्ड नंबर 15 से कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मारवाड़ा चुनाव हार गए। वहीं वार्ड नंबर 4 से कांग्रेस प्रत्याशी मोनिका मारवाड़ा को भी शिकस्त मिली। दोनों को निर्दलीय उम्मीदवारों ने हराया।

भाजयुमो जिलाध्यक्ष तीसरे स्थान पर

वार्ड नंबर 15 में भाजपा को भी झटका लगा। यहां भाजपा प्रत्याशी और भाजयुमो जिलाध्यक्ष अखिलेश जैन चुनाव जीतने में सफल नहीं रहे। उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। नैनवां नगरपालिका के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के करीब आधा दर्जन प्रत्याशी तीसरे या चौथे स्थान पर रहे। इससे कई वार्डों में मुकाबला सिर्फ भाजपा और कांग्रेस के बीच सीमित नहीं रहा। निर्दलीय उम्मीदवारों ने कई सीटों पर दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को कड़ी चुनौती दी। कुछ सीटों पर उन्होंने जीत भी दर्ज की।

सिर्फ एक वोट से तय हुई जीत-हार

नैनवां के वार्ड नंबर 18 में मुकाबला बेहद करीबी रहा। एसटी के लिए आरक्षित इस वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशी सुरेश मीणा ने कांग्रेस प्रत्याशी धर्मराज मीणा को सिर्फ एक वोट से हरा दिया। सुरेश मीणा को 146 वोट मिले, जबकि धर्मराज मीणा के खाते में 145 वोट आए। मतगणना के दौरान दोनों के बीच कांटे की टक्कर रही और अंतिम आंकड़ों ने जीत-हार का फैसला महज एक वोट से कर दिया।

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