शिखिल ब्यौहार, भोपाल। लोकसभा चुनाव 2019 के मुकाबले इस बार चार फीसदी कम मतदान प्रतिशत से राजनीतिक दलों में खलबली मची हुई है। लोकसभा चुनाव 2019 में कुल मतदान प्रतिशत 71.16 फीसदी था, वो अब इस बार 66.77 प्रतिशत पर सिमट कर रह गया। एमपी के दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और बीजेपी ने प्रारंभिक समीकरणों का खाका भी तैयार कर लिया है।

आंकड़े बताते हैं कि चौथे चरण में बाकी तीन चरणों से ज्यादा मतदान होने के बावजूद भी एमपी में 3.93 फीसदी कम वोटिंग हुई है। कांग्रेस के ताजा आकलन के मुताबिक कम मतदान प्रतिशत बीजेपी के लिए घाटे का सौदा साबित होगा। लिहाजा फायदा कांग्रेस को मिलेगा। उधर, बीजेपी ने कम वोटिंग परसेंटेज के बाद भी हर बूथ पर 2019 में मिले मतों से 10 फीसदी इजाफा का दावा किया है।

‘कर दो मुख्यमंत्री से शिकायत…’, सीनियर लाइन ऑपरेटर निलंबित, बिजली बंद होने की शिकायत करने वाले ग्राहक से की थी बदतमीजी

‘बीजेपी के झूठ के कारण जनता घरों से नहीं निकली’

मामले पर कांग्रेस के विचार विभाग प्रमुख भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस बार शहरों से कम वोटिंग हुई। इसका कारण बीजेपी के खिलाफ जनता की नाराजगी। 10 साल पहले लोगों से 15 लाख रुपये खाते में आने की झूठ बोला गया। दो करोड़ नौकरी नहीं मिली। बेरोजगारी, महंगाई के मुद्दे पर बीजेपी सरकार फेल रही। 450 रुपये में गैस सिलेंडर नहीं मिला। बीजेपी के झूठ के कारण जनता घरों से नहीं निकली। प्रदेश की आधी आबादी महिला वर्ग ने मतदान में रुचि नहीं ली। कम वोटिंग होना कांग्रेस के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। बीजेपी की चुनाव के छह माह पहले से मैराथन बैठक और तमाम इवेंट फेल हो गए।

UP में गरजे CM मोहन: अखिलेश यादव पर कसा तंज, कहा- ‘गठबंधन करना ही है तो डूबते जहाज में क्यों बैठ रहे हो भैया’

‘अपनी पार्टी के लिए काम तक नहीं कर सके नेता’

उधर, बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि मतदान प्रतिशत में जरूर कम गिरावट आई है। लेकिन, प्रदेश में मोदी की गारंटी और विकास ही मतदाताओं के उत्साह का कारण था। इसमें दो मत नहीं कि हर बूथ पर 10 प्रतिशत बीजेपी के पक्ष में अधिक मत हासिल भी करेंगे। कांग्रेस के कार्यकर्ता, टूटे-फूटे नेता और पदाधिकारी चुनाव में तक अपनी पार्टी के लिए काम तक नहीं कर सके। न मतदाताओं को प्रेरित कर पाए न चुनाव प्रचार में सक्रिय रहे। इस बार कांग्रेस ऐतिहासिक हार की ओर बढ़ चली है। बीजेपी की प्रचंड विजय जल्द सामने सबके सामने होगी।

पिछली बार से कहां कितना कम हुआ मतदान-

लोकसभा 2019 2024

मुरैना 61.89 59.97

भिंड 54.42 54.93

ग्वालियर 59.78 62.13

गुना 70.32 72.43

सागर 66.57 65.75

टीकमगढ़ 66.57 60.0

दमोह 65.82 56.48

खजुराहो 68.28 56.96

सतना 70.71 61.93

रीवा 60.33 49.42

सीधी 69.50 56.50

शहडोल 74.73 64.68

जबलपुर 69.43 61.0

मंडला 77.76 72.84

बालाघाट 77.61 73.45

छिंदवाड़ा 82.39 79.83

होशंगाबाद 74.19 64.21

विदिशा 71.79 74.84

भोपाल 65.70 64.06

राजगढ़ 74.39 76.04

देवास 79.46 74.86

उज्जैन 75.4 73.03

मंदसौर 77.84 74.5

रतलाम 75.66 72.86

धार 75.25 71.5

इंदौर 69.31 60.53

खरगोन 77.82 75.79

खंडवा 76.9 70.72

बैतूल 78.15 73.43

इन सीटों पर सबसे कम मतों से हुई जीत हार-

सीट- विजय प्रत्याशी – पार्टी- जीत का अंतर

छिंदवाड़ा- नकुल नाथ- कांग्रेस- 37536 वोट से जीते

रतलाम- जीएस डामोर- बीजेपी- 90636 वोट से जीते

मंडला- फग्गन सिंह कुलस्ते- बीजेपी- 97674 वोट से जीते

मुरैना- नरेंद्र सिंह तोमर- बीजेपी- 1 लाख 10 हजार वोट से जीते

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H