Dharm Desk: पितृपक्ष 26 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक होने वाले है। पितरों का साल भर इंतजार रहता है, उनके सम्मान और तृप्ति के लिए इस दौरान कई धार्मिक नियम और परंपराएं निभाई जाती हैं। घर में सुख-समृद्धि और पितरों के आशीर्वाद के लिए सुबह और शाम किए जाने वाले छोटे-छोटे कामों का भी विशेष महत्व बताया गया है।

गरुड़ पुराण और वास्तु शास्त्र के अनुसार, रात को सोने से पहले और सुबह उठने के बाद की गई एक छोटा सा काम जीवन में खुशहाली और तरक्की के मार्ग खोल सकती है।

इस नियम के अनुसार, रात को सोने से पहले अपने किचन में साफ पानी भरकर रखना चाहिए। चाहें तो किसी गिलास लोटे या बर्तन में पानी भरकर रख सकते हैं और यदि आपका अपना घर है तो किसी बाल्टी में भी पानी भरकर रख सकते हैं।

इसके बाद अगली सुबह सूर्योदय से पहले उठकर उस किचन में रखे हुए पानी को लें और अपने घर के मुख्य द्वार मेन गेट पर छिड़काव करे या उससे मुख्य द्वार की देहलीज़ को धोएं।

गरुड़ पुराण के अनुसार महत्व और प्रभाव

गरुड़ पुराण में इस उपाय का विशेष महत्व बताया गया है। हमारे पितर पूर्वज रात के समय अपने वंशजों के घर के मुख्य द्वार पर आगमन करते हैं और प्रतीक्षा करते हैं।

जब सुबह सूर्योदय से पूर्व किचन के जल के छींटे मुख्य द्वार पर मारे जाते हैं, तो पितर उस जल से तृप्त हो जाते हैं। उनकी आत्मा को शांति मिलती है और वे खुश होकर अपने पितृलोक लौट जाते हैं। लौटते समय वे अपने परिवार को सुख समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली का आशीर्वाद देकर जाते हैं।

इससे मिलने वाले शुभ परिणाम, और सावधानियां

घर के मुख्य द्वार ऊर्जा के प्रवेश का मुख्य माध्यम होता है। सुबह-सुबह मेन गेट पर जल का छिड़काव करने से रात भर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है।

रसोई का संबंध देवी अन्नपूर्णा और जल का संबंध देवी लक्ष्मी से माना जाता है। इस उपाय को प्रतिदिन करने से घर में अन्न और धन की कमी नहीं होती और आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं।

पितरों के आशीर्वाद से घर के सदस्यों के बनते काम बिगड़ने से बचते हैं। रुका हुआ पैसा वापस आने लगता है और परिवार में आपस में प्रेम बना रहता है।

पानी हमेशा किचन से ही लिया जाना चाहिए और उसे पूरी रात ढांक कर रखना चाहिए।

यह काम रोजाना सूर्योदय से पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में कर लेना सबसे अच्छा माना जाता है।

मुख्य द्वार पर जल छिड़कते समय मन में अपने पितरों का स्मरण करें और उनसे सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H