कर्नाटक हाई कोर्ट में राज्य सरकार के 8 सितंबर के आदेश को चुनौती देते हुए एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है. कर्नाटक में ‘वंदे मातरम’ पर विवाद छिड़ गया है. कर्नाटक सरकार ने आदेश दिया है कि सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ सिर्फ दो पद ही गाए जाएं. PIL में कहा गया है कि यह केंद्र सरकार के निर्देश के खिलाफ है. वकील गिरीश भारद्वाज द्वारा दायर इस याचिका का आज लिस्टिंग के लिए ज़िक्र किए जाने की उम्मीद है.

पिछले दिनों शुरू हुआ वंदे मातरम् विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. सरकार के इस आदेश को HC में चुनौती दी गई है.

‘वंदे मातरम’ पर लंबे समय से चल रही बहस बीच अब कर्नाटक से खबर आई है, जहां कथित तौर पर बीजेपी नेता ने गीत छोटा किए जाने का विरोध किया है. विरोध की यह घटना शिवमोग्गा के डॉ. बी.आर. अम्बेडकर भवन में अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान हुई.

कर्नाटक सरकार ने आदेश दिया है कि सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ सिर्फ दो पद ही गाए जाएं. कर्नाटक सरकार का कहना है कि यह एकरूपता, गरिमा और प्रोटोकॉल बनाए रखने के लिए है. मगर केंद्र सरकार ने पूरे छह पद वाले ‘वंदे मातरम’ को निर्धारित किया है.

दरअसल, इसी महीने की तीन तारीख को कैबिनेट ने फैसला लिया और 8 सितंबर को कर्नाटक के कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिया.

मामला है कि शिवमोग्गा से बीजेपी विधायक एस.एन. चन्नबसप्पा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के शॉर्ट गाने पर  एक सरकारी कार्यक्रम से उठकर बाहर चले गए और उन्होंने विरोध जताते हुए जोर देकर कहा कि राज्य को केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय गीत को बीच में ही क्यों बंद कर दिया गया.

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