देश में भाषा विवादों की स्थिति अब और गंभीर होती जा रही है. पहले दक्षिणी राज्यों से कन्नड़ और तमिल भाषाओं को लेकर हंगामे की खबरें आती थीं, लेकिन अब महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाल ही में राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेताओं ने एक सिक्योरिटी गार्ड के साथ मारपीट की, जिसमें आरोप है कि वॉचमैन को मराठी नहीं बोलने पर पीटा गया. यह घटना पवई क्षेत्र में हुई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. जानकारी के अनुसार, मनसे के कार्यकर्ता वॉचमैन के साथ हिंसक व्यवहार कर रहे थे.

यह पूरा विवाद मराठी भाषा के इर्द-गिर्द घूमता है. एमएनएस के कार्यकर्ता वॉचमैन से मराठी में संवाद करने का आग्रह कर रहे थे, लेकिन जब वह ऐसा नहीं कर पाया, तो राज ठाकरे की पार्टी के सदस्यों ने उसे थप्पड़ मारना शुरू कर दिया. यह घटना मुंबई के पवई क्षेत्र में हुई है. एक वीडियो में देखा जा सकता है कि वॉचमैन को पीटने वाले लोग उससे माफी मांगने के लिए कह रहे हैं और उसे राज ठाकरे से माफी मांगने के लिए मजबूर कर रहे हैं.

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पहले भी एक कर्मचारी की पिटाई की थी

पिछले सप्ताह भी एक समान घटना हुई थी, जब वर्सोवा के डी मार्ट स्टोर में मराठी भाषा को लेकर ग्राहकों और स्टोर के कर्मचारियों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ. यह विवाद बाद में हिंसक झड़प में बदल गया. उस समय महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगा कि उन्होंने एक कर्मचारी को थप्पड़ मारा. कहा गया कि कर्मचारी मराठी में संवाद नहीं कर रहा था, जिसके कारण उसे पीटा गया और उसके कान पकड़कर माफी भी मंगवाई गई.

कैसे शुरू हुआ था विवाद

यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब एक कर्मचारी ने एक ग्राहक को बताया कि वह मराठी नहीं बोल सकता और केवल हिंदी में संवाद करेगा. इस उत्तर से नाराज ग्राहक और कर्मचारी के बीच तीखी बहस हुई, जो महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं तक पहुंच गई. वीडियो देखने के बाद, मनसे के वर्सोवा अध्यक्ष संदेश देसाई ने अपने कुछ कार्यकर्ताओं के साथ डी मार्ट स्टोर का दौरा किया और वहां पहुंचकर उन्होंने उस कर्मचारी की पिटाई कर दी, जिसने मराठी बोलने से मना किया था.

मनसे कार्यकर्ताओं ने दी क्या सफाई?

मनसे के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति मराठी भाषा नहीं जानता है, तो उसे इसे शीघ्र सीख लेना चाहिए और शांति से संवाद करना चाहिए. कार्यकर्ताओं ने यह भी बताया कि उन्होंने सुरक्षा गार्ड पर हमला इसलिए किया क्योंकि उसने ‘मराठी गया तेल लगाने’ कहकर मराठी भाषा का अपमान किया था.