कवर्धा। पंडरिया ब्लॉक के ग्राम पंडरीपानी स्थित आदिवासी बालक आश्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में जहां कुछ बच्चे जमीन पर बैठकर भोजन करते दिखाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर छात्र टेबल पर बैठकर धूम्रपान करते हुए नज़र आ रहे हैं. आश्रम में अध्ययनरत बच्चों की यह स्थिति कई गंभीर सवाल खड़े करती है.
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आरोप है कि आश्रम में बच्चों की देखरेख भगवान भरोसे छोड़ी गई है. न तो भोजन व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है, और न ही बच्चों के अनुशासन व दिनचर्या की निगरानी हो रही है. आश्रम की अधीक्षक की अनुपस्थिति और लापरवाही को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में आक्रोश है.

उनका कहना है कि सरकार आदिवासी बच्चों के भविष्य को सँवारने के लिए लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन इस आश्रम में हालात बिल्कुल विपरीत दिख रहे हैं. इससे बच्चों का भविष्य अंधकार में डूबने की आशंका जताई जा रही है. सहायक आयुक्त लक्ष्मीचंद पटेल ने चर्चा में इस घटना को गंभीर बताते हुए आश्वासन दिया है कि जांच के बाद लापरवाह जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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