लखनऊ। राजधानी लखनऊ मे शादीशुदा सूर्यकान्त ने अपने ही ऑफिस मे काम करने वाली युवती दीपाली संग हाथ पकड़कर वन्दे भारत ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। दोनों घरों से भाग गए थे और 3 दिन तक अंसल कॉलोनी मे किराए पर रहे। अब दोनों की लाश कई टुकड़ो मे रेलवे ट्रैक पर मिली। घटना से इलाके में कोहराम मच गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

छह महीने से चल रहा था प्रेम संबंध

पुलिस ने बताया कि सूर्यकांत नीलमथा क्षेत्र में पत्नी सविताकांत और बेटे कृष्णकांत के साथ रहता था। सूर्यकान्त ने 10 वर्ष पहले 3 वर्ष के अफेयर के बाद सविता से लव मैरिज किया था। वह एक निजी कंपनी में फील्ड वर्कर के रूप में काम करते थे। उसी ऑफिस में दीपाली कैशियर के पद के रूप में काम करती थी। दोनों के बीच धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ी और एक दूसरे पर दिल हार बैठे। दोनों के बीच पिछले छह महीने से प्रेम संबंध चल रहा था।

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परिजनों ने बताया दीपाली 8 जनवरी को घर से ऑफिस जाने के लिए निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। जिसके बाद परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू किया और देर रात परिवार ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके बाद शनिवार दोपहर रेलवे ट्रैक पर दोनों के शव मिले। शवों की पहचान आधार कार्ड से हुई। मौके पर दो सुसाइड नोट और दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, कपड़ों से भरे दो बैग बरामद किया गया।

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सूर्यकांत ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि सविता मुझे माफ कर देना, मेरा पहला प्यार तुम ही हो। वहीं दीपाली ने अपने नोट में दीपाली ने लिखा कि मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना, मैं आप लोगों को हर्ट नहीं करना चाहती थी। मुझे मेरा कान्हा मिल गया था।