लखनऊ। उत्तर प्रदेश के संभल जिले के पूर्व DSP अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित कई पुलिसकर्मियों पर कोर्ट ने FIR करने का आदेश दिया है। मामला संभल हिंसा से जुड़ा है, जिसमें यामीन को गोली लगी थी। इस मामले को लेकर एसपी कृष्ण बिश्नोई ने कहा कि हिंसा की पूर्व में ज्यूडिशियल इंक्वायरी हो चुकी है, उसमें पुलिस कार्रवाई सही पाई गई थी। इसलिए मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा। कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील की जाएगी।

संभल हिंसा में कोर्ट का बड़ा आदेश

बताया जा रहा है कि नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला खग्गू सराय अंजुमन निवासी यामिन ने 6 फरवरी 2024 सीजेएम न्यायालय में याचिका दायर की थी। इस दौरान यामिन ने आरोप लगाया कि उनका बेटा आलम घर से 24 नंवबर 2024 को टोस्ट बेचने के लिए घर से निकला था। जैसे ही वो शाही जामा मस्जिद इलाके में पहुंचा पुलिस ने उसे गोली मार दी थी। यामिन ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और संभल कोतवाली इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत 12 पुलिस वालों को आरोपी बनाया है।

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बता दें कि संभल हिंसा के दौरान संभल पुलिस पर आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने आलम नाम के एक युवक को गोली मारी थी। जिससे वह घायल हो गया था। उसके बाद पिता यामीन ने संभल में CO रहे अनुज चौधरी और अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कराए जाने के लिए कोर्ट से गुहार लगाई थी। युवक के पिता की याचिका पर कोर्ट ने आदेश दिया है। उक्त घटना के दौरान अनुज चौधरी संभल में बतौर सीओ तैनात थे।