रायपुर। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत अपनी पार्टी और अपने ही क्षेत्र के नेता के निशाने पर आ गए हैं. अविभाजित मध्यप्रदेश के अध्यक्ष रहे स्व. परस राम भारद्वाज के बेटे संजय भारद्वाज ने डॉ. महंत को ऐसी बातें लिख दी है कि उनके सोशल मीडिया पोस्ट की चर्चा रायपुर तक होने लगी है. और पक्ष और विपक्ष के साथ ही मीडिया में पोस्ट वायरल है.

संजय भारद्वाज ने डॉ. महंत पर निशाना साधते हुए फेसबुक पर लिखा कि “नेता प्रतिपक्ष और उनका परिवार: राजनीति या निजी जागीर? नेता प्रतिपक्ष अब जनता का प्रतिनिधि नहीं, बल्कि परिवार की सत्ता बचाने और बढ़ाने का प्रोजेक्ट बन चुके हैं. उनकी राजनीति का एक ही लक्ष्य दिखता है—कुर्सी, कुर्सी और सिर्फ कुर्सी.

पत्नी पहले से लोकसभा सांसद हैं, खुद राज्यसभा की लाइन में हैं और अब बेटे को विधायक बनाकर राजनीति में ‘लॉन्च’ करने की तैयारी है. यह लोकतंत्र नहीं, वंशवाद की खुली दुकान है, जहां टिकट योग्यता से नहीं, खून के रिश्ते से मिलता है.

सक्ति विधानसभा को इन्होंने क्या समझ रखा है? कोई कॉलेज, कोई फैक्ट्री, कोई ठोस विकास नहीं—बस पोस्टर, भाषण और परिवार का प्रचार. जनता की समस्याएं—बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य—सब गायब हैं, लेकिन परिवार का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित है. और हैरानी की बात यह है कि जहां प्रदेश के दूसरे नेताओं पर ईडी, एसीबी, सीबीआई की कार्रवाई होती है, वहां इस परिवार के आसपास कभी कोई जांच क्यों नहीं? यह सवाल अपने आप में बहुत कुछ कह जाता है—ताकत इतनी कि सिस्टम भी चुप है.

कांग्रेस की विचारधारा की बात करने वाले ये लोग असल में पार्टी को भी पारिवारिक बंधक बना चुके हैं. कार्यकर्ता मेहनत करें, जमीन पर लड़ें और फल खाए सिर्फ परिवार—यही इनकी राजनीति की सच्चाई है.

अब वक्त आ गया है कि जनता पूछे—
क्या सक्ति सिर्फ राजनीतिक लॉन्चिंग पैड है?
क्या छत्तीसगढ़ कुछ गिने-चुने लोगों की जागीर बन चुका है?

नेता प्रतिपक्ष जनता की आवाज नहीं, अपने परिवार की महत्वाकांक्षा की आवाज बन चुके हैं और ऐसी राजनीति को जवाब देना, वोट से—और जोरदार तरीके से—जनता का हक है.”

फिलहाल इस वायरल पोस्ट पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आ पाई है.