चंडीगढ़: पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की ‘नशे के खिलाफ जंग’ (War Against Drugs) मुहिम ने अपना एक सफल साल पूरा कर लिया है। 1 मार्च 2025 को शुरू हुई इस विशेष मुहिम को लेकर सरकार ने दावा किया है कि यह ड्रग नेटवर्क पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार है। इस अभियान की पहली वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर कार्रवाई के चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए हैं।
ड्रग नेटवर्क की कमर टूटी: 51 हजार से ज्यादा गिरफ्तारियां
मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ चौतरफा घेराबंदी की है। इस अभियान के तहत:
गिरफ्तारियां: कुल 51,648 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।
FIR: नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री के मामले में अब तक 36,178 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं।
बरामदगी: भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं, जिनमें 49 लाख से अधिक नशीली गोलियां और कैप्सूल शामिल हैं।
ड्रग मनी: पुलिस ने तस्करों के पास से 16.70 करोड़ रुपये की ‘ड्रग मनी’ भी बरामद की है।

जीरो टॉलरेंस नीति का असर
पंजाब सरकार का कहना है कि इस मुहिम का मकसद न केवल नशे की सप्लाई लाइन को काटना है, बल्कि नशा मुक्त समाज का निर्माण करना भी है। सीएम मान ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में इस अभियान को और भी कड़ा किया जाएगा ताकि राज्य से नशे के कलंक को पूरी तरह मिटाया जा सके।
“पंजाब की जवानी को बचाने के लिए हमारी यह जंग बिना रुके जारी रहेगी। राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के परिणाम आज सबके सामने हैं।”
— भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब
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