कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। देश और एशिया के सबसे बड़े खेल संस्थानों में शुमार लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) ग्वालियर में पिछले 15 दिनों से जारी छात्रों का उग्र आंदोलन और भूख हड़ताल देर रात आखिरकार समाप्त हो गया। यूनिवर्सिटी प्रबंधन द्वारा मुख्य मांगों पर कड़ा संज्ञान लेने और कार्रवाई करने के बाद छात्रों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है।
देर रात हुए बड़ा फैसला
छात्रों के बढ़ते दबाव और उग्र प्रदर्शन के बाद देर रात LNIPE के प्रभारी रजिस्ट्रार यानि कुलसचिव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही संस्थान की हॉस्टल वार्डन को भी पद से हटा दिया गया है। मुख्य मांगों पर प्रशासनिक कार्रवाई होने के बाद अनशन पर बैठे छात्रों ने जूस पीकर अपनी भूख हड़ताल समाप्त की।

50 लाख रुपये मुआवजे का प्रस्ताव केंद्र को भेजा
छात्रों की प्रमुख मांग को मानते हुए LNIPE प्रबंधन ने मृत छात्रा श्रुति उपाध्याय के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने का प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए केंद्रीय खेल मंत्रालय को भेज दिया है।

क्या है पूरा मामला?
LNIPE के गुवाहाटी कैंपस में बीपीएड की छात्रा श्रुति उपाध्याय की संदिग्ध परिस्थितियों में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। छात्रों का आरोप है कि गुवाहाटी कैंपस में श्रुति को बिना किसी रेगुलर मेडिकल जांच के लगातार दर्द निवारक दवाइयां दी जाती रहीं, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। छात्रों ने इस मौत के लिए यूनिवर्सिटी के कुप्रबंधन और मेडिकल टीम की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।

पहले भी हो चुकी हैं कार्रवाई
इससे पहले छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद गुवाहाटी केंपस की हॉस्टल वार्डन और डॉक्टर को बर्खास्त किया जा चुका था। इसके बाद ग्वालियर स्थित मुख्य कैंपस में छात्र कुलसचिव को हटाने और 50 लाख मुआवजे की मांग पर 15 दिनों से अड़े हुए थे, जो अब पूरी हो गई हैं।

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