मौनी अमावस्या पर चुप क्यों रहते हैं साधु? जानिए इसके पीछे का रहस्य

माघ मेला का तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण स्नान 18 जनवरी 2026 मौनी अमावस्या के अवसर पर होगा.

जानिए मौनी अमावस्या पर साधु-संत क्यों रहते हैं मौन, मौन व्रत का महत्व और नियम भी?

मौनी अमावस्या के दिन साधु-संत और अधिकतर लोग मौन व्रत का पालन करते हैं.

ऐसा करने से मानसिक शांति के साथ आध्यात्मिक ऊर्जा की प्राप्ति होती है.

मन और वाणी दोनों पर काबू रहता है. इसी कारण से मौनी अमावस्या की तिथि पर मौन व्रत किया जाता है.

साधु-संत मौनी अमावस्या के मौके पर मौन व्रत का पालन इसलिए करते हैं ताकि गहन आध्यात्मिक एकाग्रता, ऊर्जा का संरक्षण, मन और वाणी को शुद्ध करने की शक्ति को बढ़ाने में मदद मिल सके.

Mauni Amavasya Niyam: कब है मौनी अमावस्या, जानिये इस दिन क्या करें