US Federal Agents Kill Another Person In Minneapolis: अमेरिका फेडरल एजेंट्स ने ली एक और जान ले ली है। अमेरिका के मिनियापोलिस में फेडरल एजेंट्स ने एक शख्स को गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद फेडरल एजेंट्स ने भीड़ पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया। मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने राज्य में ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी की आलोचना की। मामले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का बयान सामने आया है। ट्रंप ने डेमोक्रेट गवर्नर और मेयर पर “विद्रोह भड़काने” का आरोप लगाया, जबकि ICE एजेंट्स का बचाव किया।

इधर मिनियापोलिस में संघीय एजेंटों की गोलीबारी में एक और व्यक्ति की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। शुक्रवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने मिनियापोलिस की सड़कों पर मार्च किया। इस दौरान ट्रंप की इमिग्रेशन कार्रवाई को खत्म करने की मांग की। प्रदर्शनाकरियों ने इस दौरान कायर-कायर के नारे लगाए।

मामले में मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने कहा कि मिनियापोलिस में फेडरल एजेंट्स ने एक और शख्स को गोली मार दी है। इस शख्स की उम्र 51 साल बताई जा रही है। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए ट्रंप प्रशासन द्वारा राज्य में चलाए जा रहे इमिग्रेशन प्रवर्तन अभियान को तुरंत समाप्त करने की मांग की। डेमोक्रेट वॉल्ज ने कहा कि उन्होंने इस घटना के बाद व्हाइट हाउस से संपर्क किया है और उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की कि राज्य में चल रहे इस ऑपरेशन को खत्म किया जाए। वॉल्ज ने पोस्ट कर कहा कि ये घिनाौना है। राष्ट्रपति को इस अभियान को खत्म करना चाहिए। मिनेसोटा से हजारों हिंसक, बिना प्रशिक्षण वाले अधिकारियों को वापस बुलाओ, अभी।

ट्रंप ने मिनेसोटा और मिनियापोलिस मेयर पर लगाया आरोप

ट्रंप ने रविवार को मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज और मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे (दोनों डेमोक्रेट) पर आरोप लगाया कि वो व्यक्ति की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद विद्रोह भड़काने का काम कर रहे हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में कहा, मेयर और गवर्नर अपनी घमंडी, खतरनाक और अहंकारी बयानबाजी से विद्रोह को भड़का रहे हैं! इसके बजाय, इन पाखंडी राजनीतिक मूर्खों को मिनेसोटा के लोगों और अमेरिका से चोरी किए गए अरबों डॉलर को ढूंढने पर ध्यान देना चाहिए। ट्रंप ने सवाल उठाया कि स्थानीय पुलिस को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) अधिकारियों की सुरक्षा के लिए तैनात क्यों नहीं किया गया और दावा किया कि अधिकारियों को अपना काम करने से रोका गया।

अमेरिकियों से क्या अपील की?

राष्ट्रपति ने ICE अधिकारियों को देशभक्त बताया और अमेरिकियों से उन्हें अपना कर्तव्य निभाने देने की अपील की। उन्होंने मिनेसोटा में व्यापक धोखाधड़ी का भी आरोप लगाया और कहा कि जिन लोगों ने मिनेसोटा और अमेरिका के लोगों का पैसा चुराया है उन्हें जेल भेजा जाएगा। ट्रंप ने दावा किया कि 12,000 अवैध विदेशी अपराधियों को गिरफ्तार कर राज्य से बाहर निकाला गया है। ट्रंप ने कहा, जिन धोखेबाजों ने पैसा चुराया है, वो जेल जा रहे हैं, जहां उनकी जगह है! यह एक बहुत बड़ी बैंक डकैती से अलग नहीं है, उन्होंने यह भी जोड़ा कि संघीय प्रवर्तन कार्रवाइयों की सार्वजनिक आलोचना इस चोरी और धोखाधड़ी को छिपाने की कोशिश है। पोस्ट के आखिर में ट्रंप ने फिर आरोप दोहराया कि राज्य और शहर के नेता घमंडी, खतरनाक और अहंकारी बयानबाजी के जरिए विद्रोह भड़का रहे हैं, और बड़े अक्षरों में लिखा: हमारे ICE देशभक्तों को अपना काम करने दो!

कहां से शुरू हुआ बवाल

ये सारा बवाल तब शुरू हुआ था, जब सात जनवरी को एक ICE एजेंट की गोली से 37 साल की रेनी गुड की मौत हो गई थी। रेनी गुड तीन बच्चों की मां थी। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने दावा किया था कि वह महिला दंगाई थी और उसने एजेंट को गाड़ी से कुचलने की कोशिश की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ICE एजेंट का बचाव किया था। इसके बाद से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था।

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