Rajasthan News: अजमेर के सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य मनोज बहरवाल एक अकादमिक सम्मेलन में दिए बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। ब्यावर स्थित सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय में आयोजित राजस्थान सोशियोलॉजिकल एसोसिएशन की 31वीं अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र में उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों के आधार पर भारत और पाकिस्तान के अस्तित्व पर टिप्पणी की थी। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ लोगों ने इसे राष्ट्रभावना से जोड़कर देखा, जबकि कुछ ने इसे शैक्षणिक संदर्भ में रखने की बात कही।

विवाद बढ़ने पर प्राचार्य मनोज बहरवाल ने सोमवार देर रात एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान पुस्तकों के संदर्भ में ऐतिहासिक तथ्यों का उल्लेख किया गया था, जिसे व्यंग्यात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। उनका कहना है कि भारत प्राचीन काल से एक सनातन राष्ट्र रहा है और उनके वक्तव्य का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महानता को रेखांकित करना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी देश को बड़ा या पुराना कहने का अर्थ केवल समय की गणना से नहीं, बल्कि उसकी सभ्यता और विरासत से जुड़ा होता है। बहरवाल के अनुसार, बयान को अलग तरीके से पेश किया गया जिससे यह विवाद हुआ।
इस बयान को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। युवा कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताते हुए प्राचार्य के इस्तीफे की मांग की है। युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोहित मल्होत्रा ने कहा कि बयान से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने घोषणा की कि 27 जनवरी को राजकीय महाविद्यालय अजमेर के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है और आगे की कार्रवाई बयान, दी गई सफाई और परिस्थितियों के आधार पर तय की जाएगी।
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