Rajasthan News: आगामी विधानसभा सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि बैठक में विपक्ष ने साफ तौर पर मांग रखी कि सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों पर सरकार जवाब दे। जवाब का तरीका सरकार तय करे, लेकिन जवाब देना जरूरी है।

जूली ने कहा कि प्रदेश का किसान, युवा, गरीब और महिलाएं विधानसभा की कार्यवाही को उम्मीद भरी नजरों से देखते हैं। उन्हें यह जानने की अपेक्षा रहती है कि उनकी समस्याओं पर क्या चर्चा हो रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नतीजे नहीं निकले तो स्थिति पहले जैसी ही बनी रहेगी। विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने बताया कि सदन में कैमरों से जुड़े मुद्दे पर भी स्पीकर के सामने विपक्ष की ओर से बात रखी गई है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सत्र के दौरान सभी मुद्दे सामने आएंगे। डिस्टर्ब एरिया बिल लाकर राजस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, ताकि यह संदेश जाए कि यहां भी दंगे होते हैं। उन्होंने कहा कि दंगे किन वजहों से होते हैं, यह सभी जानते हैं। उनका आरोप है कि इससे राजस्थान की पहचान, जो देशभर में अतिथि देवो भवः के रूप में है, उसे कमजोर किया जा रहा है।
जूली ने कहा कि अगर यह बिल राजस्थान में लाया जाता है तो सरकार की मंशा साफ हो जाएगी। इसके परिणाम आने वाले समय में दिखेंगे। उन्होंने पर्यटन में गिरावट का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश को लोगों की नजरों में किस रूप में पेश करना चाहती है, यह सवाल उठता है।
जूली ने बताया कि टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर विधायक दल की बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक के अधिकारों की लड़ाई विधानसभा में लड़ी जाएगी। सर्वदलीय बैठक केवल शुरुआती कदम थी। विधानसभा सत्र में सरकार किस एजेंडे के साथ आएगी, यह देखने के बाद विपक्ष अपनी भूमिका निभाएगा।
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