Tirupati Laddu Prasadam controversy: तिरुपति मंदिर में प्रसाद के तौर पर दिए जाने वाले लड्डुओं में मिलावट का दावा आंध्र प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की राजनीति में भी एक अहम मुद्दा बन गया था। अब सीबीआई के नेतृत्व में जांच कर रही SIT की टीम ने अपनी फाइनल चार्जशीट दायर कर दी है। इस चार्जशीट में कहा गया कि 2019 से 2024 के बीच लड्डू वाला प्रसाद बनाने में इस्तेमाल किए गए घी में गोमांस की चर्बी या लार्ड नहीं था।

बता दें कि नेल्लोर स्थित भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो की अदालत में 23 जनवरी को आरोप पत्र दाखिल किया गया था। 16 महीने पहले 2024 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और उनके उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने यह आरोप लगाकर एक विवाद खड़ा कर दिया था कि पवित्र तिरुपति लड्डू में “पशु वसा” की मिलावट की गई है। अक्टूबर 2024 में सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद इस मामले की जांच के लिए सीबीआई की एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था।

घी में वनस्पति तेल और केमिकल की मिलावट

सीबीआई की चार्जशीट में बताया गया है कि प्रसादम बनाने में इस्तेमाल किए गए घी में वनस्पति तेल, बीटा कैरोटिन और एस्टर जैसे केमिकल्स की मिलावट पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि उत्तराखंड के भगवानपुर स्थित भोले बाबा डेयरी ने यह मिलावटी घी सप्लाई किया था।

राजनीतिक विवाद की जड़ बना था मामला

सितंबर 2024 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने आरोप लगाया था कि 2019 से 2024 के बीच प्रसादम में पशु चर्बी की मिलावट की गई थी। उस समय राज्य में वाईएसआर कांग्रेस की सरकार और वाईएस जगन मोहन रेड्डी मुख्यमंत्री थे। इन आरोपों के बाद यह मामला राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया था।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी थी एसआईटी

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी की विस्तृत जांच के बाद अब फाइनल चार्जशीट सामने आई है, जिसमें पशु चर्बी के आरोपों को खारिज करते हुए मिलावटी घी की पुष्टि की गई है।

वाईएसआर पार्टी का पलटवार, माफी की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस ने इस खुलासे के बाद सत्तारूढ़ दल पर हमला बोला है। पार्टी संयोजक सुजाला रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने प्रसादम को लेकर झूठे आरोप लगाए, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची। उन्होंने मांग की कि चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला

तिरुपति मंदिर का लड्डू प्रसादम देश-विदेश में श्रद्धालुओं के बीच आस्था का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में इस मामले को लेकर सामने आए खुलासे ने एक बार फिर प्रसादम की गुणवत्ता और सप्लाई चेन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब कोर्ट में इस मामले की आगे की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं।

चार्जशीट में 36 लोगों का जिक्र

चार्जशीट में मिलावटी घी की आपूर्ति की साजिश में 36 व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। मुख्य आरोपी टीटीडी के पूर्व महाप्रबंधक (खरीद) आरएसएसवीआर सुब्रह्मण्यम हैं, जिन पर जानबूझकर ब्लैकलिस्टेड कंपनी से टेंडर स्वीकृत करने का आरोप है। इसके अलावा विजय भास्कर रेड्डी का नाम भी शामिल है, जो एक बाहरी डेयरी विशेषज्ञ हैं और उन पर भोले बाबा डेयरी को कथित तौर पर “अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट” प्रदान करने का आरोप है।

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