Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में बुधवार को करौली जिले की एक जमीन को लेकर तीखा विवाद देखने को मिला। कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि जिला मुख्यालय पर श्मशान और कब्रिस्तान के लिए आरक्षित भूमि को बीजेपी कार्यालय के लिए देने की तैयारी की जा रही है।

विधायक घनश्याम मेहर ने सदन में नगर परिषद द्वारा जारी एक विज्ञापन की कॉपी लहराई। उनका कहना था कि विज्ञापन के अनुसार संबंधित जमीन मास्टर प्लान में श्मशान और कब्रिस्तान के उपयोग के लिए चिन्हित है। इसके बावजूद भूमि उपयोग बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मेहर ने सवाल उठाया कि मास्टर प्लान को नजरअंदाज कर इस जमीन का उपयोग कैसे बदला जा सकता है।

विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान मेहर ने कहा कि लगभग तीन बीघा की इस जमीन को बीजेपी कार्यालय के लिए आवंटित किया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि श्मशान और कब्रिस्तान जैसी जमीनों से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए, लेकिन अगर कोई पार्टी वहीं अपना कार्यालय बनाना चाहती है, तो यह उनकी सोच को दर्शाता है।

कांग्रेस विधायक के अनुसार नगर परिषद ने इस जमीन के लिए आपत्तियां मांगी हैं, जिसमें इसे संस्थानिक आवंटन बताते हुए प्रस्तावित उपयोग बीजेपी कार्यालय बताया गया है। मेहर ने सरकार से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि जनभावनाओं और मास्टर प्लान के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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