अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार को राजस्व कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया। राज्य सरकार की नीतियों और विभाग द्वारा पूर्व निर्णयों के लागू न किए जाने से कर्मचारी क्षुब्ध होकर कार्य बंद कर धरने पर बैठ गए।

17 सूत्री मांगें लागू न होने का आरोप

धरना स्थल पर संघ के सचिव अभिषेक कुमार त्रिवेदी ने बताया कि राजस्व कर्मचारियों की 17 सूत्री मांगें अभी तक लागू नहीं की गई हैं। इनमें कर्मचारियों का ग्रेड पे बढ़ाना, सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को गृह जिला में पदस्थापन, पदोन्नति में वरीयता, एसीपी/माकपा का समय पर लाभ सुनिश्चित करना शामिल है।

कर्मचारियों पर बढ़ा काम का बोझ

संघ ने यह भी बताया कि एक कर्मचारी को कई हल्का और पंचायत का प्रभार दिया गया है, जिससे कार्यभार अत्यधिक बढ़ गया है। विभाग द्वारा लैपटॉप के अलावा कोई सुविधाएं नहीं दी गई हैं। कर्मचारी निजी मोबाइल से आधार सीडिंग, ईमेल, एफआर और कृषि संबंधी कार्य करने को बाध्य हैं। कार्यालय बैठने की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।

अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

धरने के माध्यम से संघ ने स्पष्ट किया कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो 11 फरवरी से राजस्व कर्मचारी सामूहिक रूप से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

संघ का संदेश

राजस्व कर्मचारी शांति और संयम के साथ अपनी मांगें पूरी कराने के लिए दृढ़ हैं। उनका कहना है कि केवल धरना ही नहीं, बल्कि आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार हैं। सरकार से शीघ्र समाधान की अपेक्षा है।