पटना। राजधानी में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया है। छात्रा को न्याय दिलाने के लिए ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (AISA) और ‘ऑल प्रोग्रेसिव वूमेन एसोसिएशन’ (AIPWA) आज विधानसभा का घेराव करेंगे। इस प्रदर्शन के लिए राज्य भर से प्रदर्शनकारी गांधी मैदान में जुटेंगे।
बेटी बचाओ न्याय यात्रा का समापन और मुख्य मांगें
जहानाबाद से 4 फरवरी को शुरू हुई ‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ का कल पटना में समापन हुआ। यह मार्च महिला सुरक्षा और सरकारी जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से निकाला जा रहा है। संगठनों का आरोप है कि चुनाव के बाद राज्य में महिला हिंसा की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। उनकी प्रमुख मांगें:
महिला अपराधों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई।
सभी निजी हॉस्टलों और कोचिंग संस्थानों का अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट।
पीड़ित परिवारों को सुरक्षा और भयमुक्त वातावरण की गारंटी।
प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने पटना के शंभू और परफेक्ट गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े घटनाक्रमों में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस प्रशासन सच को दबाने के लिए परिजनों पर दबाव बना रहा है। CCTV फुटेज को छिपाने और फॉरेंसिक जांच में देरी करने जैसी कोशिशें राज्य तंत्र की मिलीभगत की ओर इशारा करती हैं।
सीटिंग जज की निगरानी में जांच की मांग
हालांकि, जन दबाव के बाद मामले की CBI जांच की अनुशंसा तो कर दी गई है, लेकिन आंदोलनकारियों का मानना है कि निष्पक्ष न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में जांच होना अनिवार्य है। आज के घेराव के माध्यम से सरकार को महिला सुरक्षा के मुद्दे पर घेरने की पूरी तैयारी है।
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