उज्जैन, प्रदीप मालवीय। उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज भगवान महाकाल ने अपने भक्तों को दिव्य और मनमोहक ‘शिव तांडव’ स्वरूप में दर्शन दिए। यह अद्भुत अवसर शिवनवरात्रि उत्सव के तहत आयोजित किया गया, जो महाशिवरात्रि से पूर्व 10 दिनों तक मनाया जा रहा है।

इस उत्सव में बाबा महाकाल प्रतिदिन विभिन्न रूप धारण कर भक्तों के समक्ष प्रकट होते हैं। विशेष रूप से, तांडव स्वरूप ने भक्तों को निहाल कर दिया। इस रूप में भगवान महाकाल को नवीन वस्त्र, भव्य मुकुट और अन्य आभूषणों से सजाया गया है। शिव तांडव का यह स्वरूप भगवान शिव के रौद्र और नृत्य रूप को प्रदर्शित करता है, जो भक्तों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।

शिव तांडव स्तोत्र के अनुसार, यह स्वरूप दुष्टों के विनाश और भक्तों के कल्याण के लिए प्रभावशाली है। भक्तों ने इस दिव्य दर्शन के माध्यम से भगवान शिव से आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे उनके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आए। इस प्रकार, शिवनवरात्रि उत्सव ने उज्जैन में भक्तों के लिए एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया।

महाकालेश्वर मंदिर में फाल्गुन कृष्ण द्वादशी तिथि शनि प्रदोष पर्व पर शिव नवरात्रि के नवम दिवस संध्या पूजन के पश्चात भगवान श्री महाकालेश्वर ने श्री शिवतांडव स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए । इसके पूर्व प्रातः आचार्य व मुख्य पुजारी घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राम्हणों ने श्री महाकालेश्वर भगवान का अभिषेक एकादश-एकादशनी रूद्रपाठ से किया और सायं पूजन के बाद बाबा श्री महाकाल को नवीन वस्त्र धारण करवाए गए। इसके अतिरिक्त मेखला, दुपट्टा, कटरा, मुकुट, छत्र, मुण्डमाला, नागकुंडल एवं फलों की माला आदि धारण कराई गई।

विदेशी फूलों से महाकाल मंदिर की सजावट

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर भव्य सजावट की तैयारियां लगभग पूर्ण हो गई है। बाबा महाकाल का दरबार सात समंदर पार से मंगाए गए विदेशी फूलों से सजाया जा रहा है। सजावट के लिए बेंगलुरु से पहुंचे 200 से अधिक कलाकार 40 से ज्यादा प्रजातियों के फूलों का उपयोग कर मंदिर परिसर को आकर्षक रूप दे रहे हैं।

महाशिवरात्रि पर्व पर प्रतिवर्ष श्री महाकालेश्वर मंदिर को बेंगलुरु से आए कलाकार निःशुल्क विदेशी फूलों से सजाते हैं। इस बार भी भगवान महाकाल का दरबार 40 से अधिक प्रजातियों के फूलों से सुसज्जित किया जा रहा है। करीब 200 कलाकार मंदिर के नंदी हॉल को आकर्षक फूल सज्जा से सजा रहे हैं। खास बात यह है कि लाखों रुपए की लागत से अधिकांश फूल हवाई मार्ग से पहले बेंगलुरु और फिर इंदौर लाए गए है। शनिवार शाम तक महाकाल का आंगन पूरी तरह विदेशी फूलों से सजा हुआ नजर आ रहा है।

श्री महाकालेश्वर मंदिर की सजावट इस बार दक्षिण भारत के प्रसिद्ध नटराज मंदिर की थीम पर की जा रही है। सजावट कार्य का नेतृत्व कर रहे कालिदास राज ने बताया कि उनकी टीम के कलाकार भव्य तैयारियों में जुटी है। रेड्डी पिछले 12 सालों से महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर को प्राकृतिक फूलों और पत्तियों से पूरी तरह नेचुरल थीम में सजाते आ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इस बार सिंगापुर, हांगकांग, स्विट्जरलैंड और इंडोनेशिया से फुल मंगाए गए हैं। सजावट गर्भगृह के साथ-साथ नंदी हॉल और मंदिर के प्रमुख हिस्सों में भी की जा रही है। पिछले वर्ष महाशिवरात्रि की सजावट पर लगभग 30 लाख रुपए खर्च हुए थे, जबकि इस बार का अंतिम खर्च आयोजन के बाद तय होगा। इसके साथ ही महाशिवरात्रि महापर्व के उपलक्ष्य में श्री महाकालेश्वर मंदिर में पुष्प सज्जा के साथ-साथ रंगोली सज्जा की जा रही है। श्री महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह, नंदीमंडपम्, गणेश मण्डपम्, कार्तिक मंडपम्, पालकी हाॅल, अभिषेक स्थल एवं मुख्य मंदिर के प्रथमतल के आस-पास पुष्प सज्जा की जा रही है।

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